संज्ञानात्मक डोमेन में मूल्यांकन के लिए किस क्रिया क्रियापद का प्रयोग किया जाता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
ब्लूम के वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) के संज्ञानात्मक डोमेन (Cognitive Domain) में 'मूल्यांकन' (Evaluation) सर्वोच्च या अंतिम चरण के रूप में संशोधित संस्करण से पहले माना जाता था। मूल्यांकन के स्तर पर शिक्षार्थी से किसी विचार, सामग्री या पद्धति के मूल्य, उपयोगिता या सत्यता का न्याय करने की अपेक्षा की जाती है। इस उच्च-स्तरीय मानसिक प्रक्रिया के लिए 'आलोचना करना' (Criticize), 'मूल्यांकन करना', 'निर्णय देना', और 'तर्कसंगत समर्थन करना' जैसे क्रिया पदों (Action Verbs) का उपयोग किया जाता है। अन्य विकल्प जैसे परिभाषित करना ज्ञान (Knowledge) से संबंधित है, पहचानना स्मरण या बोध से और खोज करना अन्वेषण से जुड़ा है। अत: 'आलोचना' यहाँ सही उत्तर है जो आलोचनात्मक चिंतन और न्याय करने की क्षमता को दर्शाता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- ब्लूम के संज्ञानात्मक क्षेत्र में 6 स्तर हैं: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन।
- 'परिभाषित करना' (Define) और 'पहचानना' (Identify) निम्न स्तरीय संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं हैं जो याद रखने (Remembering) के अंतर्गत आती हैं।
- 'आलोचना करना' (Criticize) और 'मूल्यांकन करना' (Evaluate) उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) को दर्शाते हैं।
- शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में ब्लूम टैक्सोनॉमी से अक्सर क्रिया पदों और उनके संज्ञानात्मक स्तर पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बेंजामिन ब्लूम द्वारा प्रतिपादित शैक्षिक उद्देश्यों का वर्गीकरण शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में उद्देश्यों को निर्धारित करने और मूल्यांकन करने का आधार है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें ब्लूम का वर्गीकरण.
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्णविस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
परीक्षाओं में अक्सर ब्लूम के संज्ञानात्मक डोमेन के विभिन्न चरणों के लिए उपयुक्त क्रिया पदों की सूची पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। जब एक शिक्षक छात्रों की उच्च-स्तरीय चिंतन क्षमताओं का आकलन करना चाहता है, तो उसे ऐसे प्रश्न तैयार करने चाहिए जो विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन की मांग करें। 'आलोचना करना' (Criticize) छात्रों को केवल तथ्यों को रटने के बजाय उनके पक्ष-विपक्ष का तार्किक विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करता है, जो रचनावादी शिक्षण दृष्टिकोण के अनुकूल है।