एक बच्चे के पास अपने पालतू जानवर के साथ अपने अनुभव के आधार पर कुत्ते के लिए स्कीमा है, फिर वह बगीचे में एक और कुत्ता देखता है, वह जानवर को पहचानने में सक्षम होता है। कथन में संज्ञानात्मक विकास की किस प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
यहाँ प्रस्तुत प्रश्न जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) से संबंधित है। जब एक बच्चा अपनी पूर्व-निर्मित मानसिक संरचना यानी 'स्कीमा' (Schema) में बिना किसी बड़े बदलाव के नई जानकारी या अनुभव को जोड़ता है, तो इस प्रक्रिया को 'आत्मसात्करण' या 'साहचर्य' (Assimilation) कहा जाता है। इस स्थिति में, बच्चे ने पहले से ही पालतू कुत्ते के माध्यम से कुत्ते का स्कीमा बना रखा है। जब वह बगीचे में दूसरे कुत्ते को देखता है और अपने मौजूदा स्कीमा का उपयोग करके उसे तुरंत पहचान लेता है, तो यह आत्मसात्करण का सटीक उदाहरण है। पियाजे के अनुसार, बच्चे पर्यावरण के साथ अनुकूलन (Adaptation) स्थापित करने के लिए मुख्य रूप से आत्मसात्करण और आवासक (Accommodation) दोनों प्रक्रियाओं का उपयोग करते हैं। यहाँ नए अनुभव को पुराने स्कीमा में आसानी से फिट किया गया है, इसलिए सही विकल्प 'आत्मसात्करण' है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- आत्मसात्करण (Assimilation): नए ज्ञान को पूर्व-ज्ञान या स्कीमा में समाहित करना, बिना किसी परिवर्तन के।
- आवासन (Accommodation): मौजूदा स्कीमा में बदलाव करना या नए स्कीमा का निर्माण करना जब नई जानकारी पुराने स्कीमा से मेल न खाए।
- संतुलन (Equilibration): आत्मसात्करण और आवासक के बीच संतुलन बनाए रखने की संज्ञानात्मक प्रक्रिया।
- विकल्प विश्लेषण: 'आवासन' तब होता जब बच्चा कुत्ते और बिल्ली में अंतर समझकर नया स्कीमा बनाता, जो यहाँ नहीं हुआ है। अतः अन्य विकल्प गलत हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: जीन पियाजे के अनुसार बाल विकास में संज्ञानात्मक संरचनाएं (Schemas) ज्ञान के निर्माण की बुनियादी इकाइयां हैं। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए देखें जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS) में पियाजे के अनुकूलन (Adaptation) से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। जब भी परीक्षार्थी को यह पहचानना हो कि कोई बच्चा अपने पुराने अनुभवों में बिना बदलाव किए नए उदाहरणों को समझ रहा है, तो उत्तर हमेशा 'आत्मसात्करण' होगा। इसके विपरीत, यदि मौजूदा ज्ञान नाकाफी साबित हो और नए स्कीमा का निर्माण करना पड़े, तो वह आवासक (Accommodation) कहलाता है। इन दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझकर ही परीक्षा में सही उत्तर का चयन किया जा सकता है।