मातृ केंद्रित समाज हैं जहाँ परिवार की बड़ी महिला नेता होती है। संपत्ति की सत्ता माता से पुत्री के पास जाती है। किस समाज का संदर्भ दिया जा रहा है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
बाल विकास, सामाजिकरण और समाजशास्त्र के संदर्भ में परिवार एक प्राथमिक अभिकरण है जो बच्चे के समाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रश्न में दिए गए कथन के अनुसार, जिस समाज में परिवार की बागडोर सबसे बड़ी महिला के हाथ में होती है और वंश-परंपरा, सत्ता तथा संपत्ति का अधिकार माता से पुत्री की ओर स्थानांतरित होता है, उसे 'मातृतंत्र' (Matriarchy) कहा जाता है। यह पितृसत्ता (Patriarchy) के बिल्कुल विपरीत सामाजिक व्यवस्था है, जहाँ महिलाओं को निर्णय लेने की केंद्रीय शक्ति और सामाजिक-आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं। समाजीकरण की इस प्रक्रिया में बच्चे लिंग भूमिकाओं, सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक मानदंडों को अपने परिवार के माध्यम से सीखते हैं। मातृतंत्र समाज यह दर्शाता है कि परिवार और समाज की संरचनाएं संस्कृति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं और यह जैविक नहीं बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से निर्मित होती हैं, जो बाल मनोविज्ञान और समाजशास्त्रीय अध्ययन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- मातृतंत्र (Matriarchy): ऐसा सामाजिक ढांचा जहाँ सत्ता और वंश मातृपक्ष यानी माँ से पुत्री की तरफ चलता है।
- एक विवाह प्रथा (Monogamy): इसमें एक समय में केवल एक ही पति या पत्नी रखने की कानूनी या सामाजिक प्रथा होती है।
- पितृसत्ता (Patriarchy): ऐसा समाज जिसमें पुरुषों का वर्चस्व होता है और सत्ता पिता से पुत्र या पुरुष सदस्यों को मिलती है।
- स्त्री द्वेष (Misogyny): महिलाओं के प्रति घृणा, द्वेष या पूर्वाग्रह की भावना को दर्शाता है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: परिवार और समाजीकरण की अवधारणा समाजशास्त्र एवं बाल विकास का एक प्रमुख हिस्सा है। इसके अंतर्गत छात्र विभिन्न सामाजिक संरचनाओं और सांस्कृतिक भिन्नताओं का अध्ययन करते हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें समाजीकरण की प्रक्रिया और परिवार।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (CTET, UPTET, REET) में सामाजिक संरचना, परिवार के प्रकार और समाजीकरण की प्रक्रियों से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। शिक्षार्थियों को यह समझना आवश्यक है कि समाज और परिवार के विभिन्न रूप बाल विकास, लिंग संवेदनशीलता (Gender Sensitivity) और बच्चों के दृष्टिकोण को कैसे प्रभावित करते हैं। मातृतंत्र और पितृसत्ता जैसे शब्द समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हैं, जो समावेशी शिक्षा और पाठ्यक्रम निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परीक्षा में ऐसे प्रश्नों का सही उत्तर देने के लिए शब्दों के मूल अर्थ और उनके बीच के अंतर को समझना बेहद जरूरी है।