वुड के आदेश के बाद किस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
वुड का घोषणा-पत्र (Wood's Despatch), जिसे वर्ष 1854 में जारी किया गया था, को 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' (Magna Carta of English Education in India) कहा जाता है। इस ऐतिहासिक दस्तावेज ने भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली, व्यवस्थित प्रशासनिक ढांचे, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के सोपानों और विश्वविद्यालयों की स्थापना की नींव रखी थी। चार्ल्स वुड की इस योजना की सिफारिश के परिणाम स्वरूप ही भारत में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर वर्ष 1857 में कलकत्ता (कोलकाता), बॉम्बे (मुंबई) और मद्रास (चेन्नई) में तीन प्रमुख प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई थी। अतः दिए गए विकल्पों में 'कलकत्ता' सबसे सही उत्तर है, क्योंकि वुड के आदेश (डिस्पैच) के तुरंत बाद अस्तित्व में आने वाले शुरुआती विश्वविद्यालयों में कलकत्ता विश्वविद्यालय प्रमुख था जो औपनिवेशिक भारत की उच्च शिक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र बना।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- वुड का घोषणा-पत्र वर्ष 1854 में लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में चार्ल्स वुड द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
- इसे भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा कहा जाता है, जिसमें महिला शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर जोर दिया गया था।
- इसकी सिफारिशों के आधार पर 1857 में कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई।
- विकल्प ए (लखनऊ), बी (बिहार) और सी (दिल्ली) इस कालखंड में स्थापित नहीं किए गए थे, इसलिए वे गलत हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: भारतीय शिक्षा के ऐतिहासिक विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों को समझने के लिए भारतीय शिक्षा का इतिहास और वुड के डिस्पैच का अध्ययन अति महत्वपूर्ण है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (TET और CTET) तथा राज्य स्तरीय शिक्षक भर्तियों (BPSC TRE) में आधुनिक भारतीय शिक्षा के इतिहास से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। वुड का डिस्पैच (1854) भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर माना जाता है। परीक्षा में यह भी पूछा जा सकता है कि इस डिस्पैच के तहत शिक्षा का माध्यम क्या था या लोक शिक्षा विभाग (Department of Public Instruction) की स्थापना कब हुई थी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे मैकाले मिनट, हंटर आयोग, सैडलर आयोग और वुड के डिस्पैच के कालक्रम को अच्छी तरह याद रखें ताकि ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को परीक्षा हाल में आसानी से हल किया जा सके।