निम्नलिखित में से कौन-सा संज्ञान की चार मूलभूत इकाइयों में से नहीं है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
संज्ञान (Cognition) एक मानसिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया जाता है, चिंतन किया जाता है और समस्याओं का समाधान किया जाता है। मनोविज्ञान और संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांतों के अनुसार, संज्ञान की मूल इकाइयों में उन मानसिक संरचनाओं और उपकरणों को शामिल किया जाता है जिनके जरिए सूचनाओं को प्रोसेस किया जाता है। इन मूलभूत इकाइयों के अंतर्गत मुख्य रूप से अवधारणा (Concept), प्रतीक (Symbol), स्कीमा (Schema), और मानसिक बिंब (Mental Image) या भाषा को रखा जाता है। इसके विपरीत, 'मूल्य' (Value) नैतिक, सामाजिक, और भावनात्मक पक्षों से जुड़ा होता है, जो कि भावात्मक डोमेन (Affective Domain) के अंतर्गत आते हैं, न कि विशुद्ध संज्ञानात्मक प्रसंस्करण की मूलभूत इकाइयों में। इसलिए, 'मूल्य' संज्ञान की चार मूलभूत इकाइयों का हिस्सा नहीं माना जाता है, जिससे विकल्प 'c' सही उत्तर बनता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- स्कीमा (Schema): जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, स्कीमा मस्तिष्क में संग्रहीत सूचनाओं के संगठित पैटर्न या ब्लॉक होते हैं।
- अवधारणा (Concept): यह अनुभवों और वस्तुओं के वर्गीकरण का मानसिक आधार है।
- प्रतीक (Symbol): यह विचारों या वस्तुओं को दर्शाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सांकेतिक साधन हैं।
- अन्य विकल्प विश्लेषण: मूल्य (Value) संवेगात्मक और नैतिक विकास (जैसे कोहलबर्ग के नैतिक विकास) से संबंधित हैं, इसलिए यह संज्ञानात्मक इकाइयों से प्रत्यक्ष रूप से भिन्न हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: संज्ञानात्मक विकास के अध्ययन में मानसिक प्रक्रियाओं और सूचना प्रसंस्करण (Information Processing) का विशेष महत्व है। अधिक जानने के लिए पढ़ें जीन पियाजे का सिद्धांत और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के मूल आधार।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS) में संज्ञानात्मक विकास और उसकी कार्यप्रणाली से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह समझना आवश्यक है कि संज्ञानात्मक डोमेन (Cognitive Domain) ब्लूम के वर्गीकरण के अनुसार ज्ञान, समझ और बौद्धिक क्षमताओं से जुड़ा होता है, जबकि मूल्य और अभिवृत्तियां भावात्मक डोमेन (Affective Domain) का हिस्सा होती हैं। इस प्रकार के विभेदीकरण वाले प्रश्न उम्मीदवारों की वैचारिक स्पष्टता (Conceptual Clarity) को परखने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।