किस आयु में, एक बच्चे में मौन आंतरिक भाषण विकसित होता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-cultural Theory) के अनुसार, बच्चों में भाषा और चिंतन (Language and Thought) का विकास क्रमिक चरणों में होता है। वाइगोत्स्की ने भाषण के विकास को तीन रूपों में विभाजित किया है: सामाजिक भाषण (Social Speech - जन्म से लगभग 2 वर्ष), निजी भाषण (Private Speech - लगभग 3 से 7 वर्ष), और आंतरिक भाषण (Inner Speech - लगभग 7 वर्ष या इसके बाद)। 'मौन आंतरिक भाषण' (Silent Inner Speech) वह अवस्था है जहाँ बच्चा बाहरी रूप से बोलकर खुद को निर्देशित करने के बजाय अपने मन में ही विचारों और शब्दों का संचालन करता है। लगभग 7 वर्ष की आयु में बच्चों का निजी भाषण पूरी तरह से आंतरिक हो जाता है, जिससे उनकी संज्ञानात्मक क्षमता और आत्म-नियमन (Self-regulation) अत्यधिक सुदृढ़ हो जाते हैं। इसलिए, विकल्प (d) बिल्कुल सही उत्तर है क्योंकि मनोवैज्ञानिक साक्ष्यों के अनुसार यह अवस्था इसी आयु सीमा में परिपक्व होती है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- लेव वाइगोत्स्की ने भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण माना है।
- निजी भाषण (Private Speech) बच्चे को अपने व्यवहार को विनियमित (Regulate) करने में मदद करता है, जो आगे चलकर मौन आंतरिक भाषण में परिवर्तित होता है।
- अन्य विकल्प जैसे 5 वर्ष, 8 वर्ष, और 10 वर्ष इस विशिष्ट विकासात्मक मील के पत्थर (Milestone) के साथ सटीक रूप से मेल नहीं खाते हैं।
- पियाजे अहंत्वपूर्ण वाक् (Egocentric Speech) की बात करते हैं, जबकि वाइगोत्स्की इसे सामाजिक और स्व-नियामक मानते हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: वाइगोत्स्की के अनुसार भाषा और विचार शुरुआत में स्वतंत्र होते हैं, फिर लगभग 2 वर्ष की आयु में मिलते हैं, और 7 वर्ष तक आते-आते आंतरिक रूप से पूर्ण हो जाते हैं। अधिक जानकारी के लिए वाइगोत्स्की का सिद्धांत पढ़ें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS, और DSSSB) में वाइगोत्स्की के निजी भाषण और आंतरिक भाषण से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। उम्मीदवारों को यह समझना आवश्यक है कि जब बच्चा जोर-जोर से बोलकर अपने खिलौनों या कार्यों को दिशा देता है, तो वह Private Speech (लगभग 3-7 वर्ष) है। जब यही भाषण बच्चे के होंठों की हलचल के बिना केवल उसके मानसिक पटल पर बिना आवाज़ के चलता है, तो उसे Inner Speech कहा जाता है, जो सामान्यतः 7 वर्ष की आयु के आसपास प्रकट होता है। यह प्रश्न वैचारिक स्पष्टता को परखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहाँ छात्रों को विकासात्मक चरणों की आयु-वार समझ होना अनिवार्य है।