बच्चों का पोषण एवं स्वास्थ्य
Asked 3 months ago · Viewed 17 times
निम्नलिखित में से कौन कार्य शिक्षा के लिए गतिविधियों के चयन के लिए प्रासंगिक क्षेत्र नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
निवास स्थान (Residence) का चयन कार्य शिक्षा की गतिविधियों के लिए कोई प्रासंगिक क्षेत्र नहीं है।
अगला प्रश्न →
'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला'…
← पिछला प्रश्न
पर्टुसिस (जीवाणु) किस कारण से होता है?
Related Questions
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में 'ऊर्जा के पिरामिड' (Pyramid of Energy) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि पारिस्थितिकी तंत्र में एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा के स्थानांतरण के दौरान 'लिंड़ेमैन का 10 प्रतिशत नियम' (Lindeman's 10% Law) लागू होता है, जिसके अनुसार प्रत्येक अगले स्तर पर केवल 10% ऊर्जा ही संचित हो पाती है और शेष 90% ऊर्जा श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं में हास (Loss) हो जाती है।
2. जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) में बायोमास का पिरामिड अक्सर उल्टा (Inverted) बनता है, लेकिन उसी जलीय तंत्र में ऊर्जा का पिरामिड फिर भी सदैव सीधा ही रहता है क्योंकि ऊर्जा का क्षسय प्रत्येक चरण में अपरिहार्य है।
3. ऊर्जा के पिरामिड में उत्पादक (Producers) हमेशा शीर्ष पर और सर्वोच्च मांसाहारी (Top Carnivores) हमेशा आधार (Base) पर स्थित होते हैं, क्योंकि ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत सूर्य का प्रकाश सीधे सर्वोच्च उपभोक्ताओं द्वारा अवशोषित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह सदैव 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो उसका केवल 10 प्रतिशत भाग ही अगले स्तर के जीवों द्वारा जैवभार के रूप में संचित किया जाता है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा का ह्रास श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं के दौरान हो जाता है।
2. 'जैव आवर्धन' (Biomagnification) और 'जैविक संचयन' (Bioaccumulation) दोनों एक ही प्रक्रिया को दर्शाते हैं, जिसमें किसी भी पर्यावरण में प्रदूषकों या विषैले पदार्थों (जैसे पारा या डीडीटी) की सांद्रता खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक निचले स्तर पर घटती जाती है।
3. वायुमंडल की ओज़ोन परत समताप मंडल (Stratosphere) के ऊपरी हिस्से में पाई जाती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है, और इसकी मोटाई को मापने की इकाई 'डॉब्सन यूनिट' (Dobson Unit) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
एक शिक्षक छात्रों को स्वस्थ खाने की आदतें विकसित करने में कैसे मदद कर सकता है?
→
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कार्य शिक्षा के महत्व के अंतर्गत नहीं आता है?
→
बालक के विकास में 'प्रकृति बनाम पोषण' (Nature vs. Nurture) विवाद किससे संबंधित है?
→
मानव शरीर में हॉर्मोन्स, विटामिन और विभिन्न जैविक अणुओं (Biomolecules) के कार्य तथा उनकी कमी से होने वाले रोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इंसुलिन (Insulin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो अग्नाशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है, और यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करते हुए ग्लाइकोजेनेसिस की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।
2. विटामिन D, जिसे 'कैल्सीफेरोल' भी कहा जाता है, एक वसा-में-घुलनशील विटामिन है जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करता है, तथा इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' (Rickets) और वयס्कों में 'ऑस्टियोमलेशिया' (Osteomalacia) नामक रोग हो जाता है।
3. 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है, जिसकी कमी से गॉइटर (घेंघा) रोग होता है, जबकि वयस्क अवस्था में इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
4. रुधिर में हीमोग्लोबिन एक लोहे युक्त प्रोटीन है जो ऑक्सीजन का परिवहन करता है, तथा इसकी कमी से होने वाला एनीमिया (रक्तल्पता) हमेशा केवल विटामिन B12 की कमी के कारण ही होता है, इसमें आयरन या फोलिक एसिड की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.