BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
23 views

"Stamps, Coins, and Banknotes Issued During the Premiership of Shri Narendra Modi" नामक Coffee Table Book किसने लॉन्च की?

Detailed Explanation

यह कॉफी टेबल बुक 'इंडिया पोस्ट' (India Post) द्वारा लॉन्च की गई है।
Share:

Related Questions

→ भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'संघीय प्रणाली' (Federal System) और राज्यपाल की विधायी शक्तियों से जुड़े 'अध्यादेश' (Ordinance - Article 213) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के विश्रामकाल के दौरान अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के उन सभी विषयों तक विस्तारित है जिन पर राज्य विधानमंडल कानून बना सकता है, बशर्ते कि इसके लिए राष्ट्रपति के पूर्व निर्देशों (Prior Instructions) की कुछ विशेष परिस्थितियों में आवश्यकता होती हो। 2. राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित प्रत्येक अध्यादेश को राज्य विधानमंडल के पुनः समवेत होने पर उसके समक्ष रखा जाना अनिवार्य है, और यदि राज्य विधानमंडल बिना किसी अनुमोदन के अध्यादेश को अस्वीकार कर देता है या छह सप्ताह की अवधि समाप्त हो जाती है, तो वह अध्यादेश स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है। 3. 'डी.सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य (1987)' वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया कि राज्यपाल द्वारा अध्यादेशों का पुनरावृत्ति (Re-promulgation) के माध्यम से लगातार अनिश्चित काल तक प्रचालन करना संविधान की विधायी प्रक्रिया और संघवाद की भावना के विरुद्ध है, तथा यह कार्यपालिका की शक्ति का अवैध अतिक्रमण (Fraud on Constitution) माना जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 368' के अंतर्गत 'संविधान संशोधन प्रक्रिया' और उसके प्रकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का संशोधन संसद के किसी भी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक प्रस्तुत करके ही आरंभ किया जा सकता है, और इसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Permission) लेना अनिवार्य होता है। 2. संविधान के कुछ विशिष्ट प्रावधानों, जैसे कि राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया या संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व, में संशोधन करने के लिए न केवल संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है, बल्कि कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से उसका अनुसमर्थन (Ratification) किया जाना भी अनिवार्य है। 3. अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद को संविधान के किसी भी भाग में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु सर्वोच्च न्यायालय के 'केशवानंद भारती वाद (1973)' के निर्णय के अनुसार, संसद अपनी इस संविधान संशोधन शक्ति का प्रयोग करके संविधान के 'मूल ढांचा' (Basic Structure) को नष्ट या समाप्त नहीं कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010' (National Green Tribunal Act, 2010) के अंतर्गत स्थापित 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (NGT) की शक्तियों, अधिकार क्षेत्र और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को भारत के संविधान के 'अनुच्छेद 21' के अंतर्गत प्रदत्त जीवन के अधिकार के तहत स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार को लागू करने का वैधानिक जनादेश प्राप्त है, और यह अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के कड़े प्रक्रियात्मक नियमों से बंधा नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) द्वारा निर्देशित होता है। 2. NGT अधिनियम की धारा 14 के तहत यह प्रावधान किया गया है कि अधिकरण के समक्ष पर्यावरण से जुड़े किसी भी विवाद या आवेदन को उस कारण के उत्पन्न होने की तारीख से 'छह महीने' की अवधि के भीतर दायर किया जाना अनिवार्य है, किंतु अधिकरण के पास यह विवेकाधीन शक्ति (Discretionary Power) है कि वह पर्याप्त कारणों से संतुष्ट होने पर इस अवधि को अधिकतम 'अतिरिक्त साठ दिन' (60 days) तक बढ़ा सकता है। 3. 'वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980' और 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' को NGT के वैधानिक क्षेत्राधिकार की पहली अनुसूची (Schedule I) में शामिल किया गया है, किंतु 'वन अधिकार अधिनियम, 2006' (Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers Act, 2006) को इसके क्षेत्राधिकार से पूर्णतः बाहर रखा गया है, जिसके कारण वनवासियों के अधिकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई NGT द्वारा नहीं की जा सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत' (Continental Drift Theory) और 'समुद्र तल विस्तारण' (Sea Floor Spreading) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रतिपादित महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के अनुसार, पंजिया (Pangaea) नामक एक विशाल महाद्वीप का विभाजन कार्बोनिफेरस युग में शुरू हुआ था, और वेगनर ने महाद्वीपों के विस्थापन के लिए मुख्य रूप से 'ध्रुवीय फलन बल' (Pole-fleeing force) और ज्वारीय बलों (Tidal forces) को उत्तरदायी माना था। 2. हैरी हेस द्वारा प्रस्तुत 'समुद्र तल विस्तारण' सिद्धांत के अनुसार, महासागरीय कटकों (Oceanic Ridges) पर लगातार ज्वालामुखीय उद्गार के माध्यम से नए मैग्मा का प्रस्फुटन होता है, जिससे पुरानी पपड़ी कटकों से दूर धकेल दी जाती है, और महासागरीय पर्पटी का यह निरंतर निर्माण इस तथ्य की पुष्टि करता है कि महासागरीय चट्टानों की आयु महासागरीय कटकों के समीप सबसे अधिक और महाद्वीपीय तटों के पास सबसे कम होती है। 3. पुराचुंबकत्व (Paleomagnetism) के अध्ययन से यह प्रमाणित हुआ कि महासागरीय कटकों के दोनों ओर चट्टानों में चुंबकीय पट्टियाँ (Magnetic stripes) सममित (Symmetrical) रूप से व्यवस्थित होती हैं, जो पृथ्वी के भू-चुंबकीय क्षेत्र के उत्क्रमण (Reversal) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रदान करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) और मौसम पर इनके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जेट स्ट्रीम क्षोभमंडल (Troposphere) के ऊपरी हिस्से में प्रवाहित होने वाली तीव्र गति की भू-विक्षेपी (Geostrophic) हवाएँ हैं, जो सामान्यतः पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और ध्रुवीय तथा उष्णकटिबंधीय वायु द्रव्यमानों के बीच तापमान के तीव्र अंतर के कारण उत्पन्न होती हैं। 2. 'उपोषणीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम' (Subtropical Westerly Jet Stream) सर्दियों के मौसम में भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम को प्रभावित करती है, जिसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) से होने वाली सर्दियों की वर्षा में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 3. ग्रीष्मकाल के दौरान, 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) का तिब्बती पठार के ऊपर दक्षिण की ओर विस्थापन भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को कमजोर करने का मुख्य कारण बनता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.