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डिजिटल भुगतान प्रणालियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी, न कि 2015 में; अतः यह कथन गलत है।
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बेतवा नदी यमुना से किस स्थान पर मिलती है?
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भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, वास्तुकला और राजस्व प्रणाली से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा प्रशासनिक नियंत्रण और राजस्व सुधारों के तहत 'बिसवा' (Biswa) पद्धति को पैमाइश (Measurement) के आधार पर भू-राजस्व निर्धारण का मुख्य पैमाना बनाया गया था, जिसके अंतर्गत कुल उपज का आधा हिस्सा (50 प्रतिशत) राज्य के लगान के रूप में नकद या अनाज के रूप में वसूला जाता था।
2. फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में सल्तनत वास्तुकला में एक नई विशेषता का विकास हुआ, जिसमें इमारतों की दीवारों को बाहर की ओर ढलानदार (Sloping walls) बनाना शामिल था, जो मुख्य रूप से तुगलक वास्तुकला की एक विशिष्ट पहचान बन गई, और इस शैली की सबसे उत्कृष्ट शुरुआत गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे से होती है।
3. सल्तनत काल में राजस्व व्यवस्था के अंतर्गत 'खराज' (Kharaj) गैर-मुस्लिम प्रजा से लिया जाने वाला एक प्रकार का भू-राजस्व कर था, जबकि 'उश्र' (Ushr) केवल मुस्लिम किसानों द्वारा अपनी भूमि की पैदावार पर दिया जाने वाला धार्मिक कर था, और युद्ध में लूटे गए माल का चार-पंजी (80 प्रतिशत) हिस्सा राज्य के कोष में तथा एक-पंचमांश (20 प्रतिशत) हिस्सा सैनिकों में बांटा जाता था।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के अंतर्गत 'संविधान संशोधन प्रक्रिया' (Article 368) तथा न्यायिक समीक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में उच्चतम न्यायालय की 13-न्यायाधीशों की पीठ ने यह अभिनिर्धारित किया था कि संसद 'संविधान के बुनियादी ढाँचे' (Basic Structure) को नष्ट या क्षीण करने वाला कोई भी संशोधन नहीं कर सकती है।
2. 'मिनर्वा मिल वाद (1980)' में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का सिद्धांत, जो यह सुनिश्चित करता है कि संसद अपनी संशोधन शक्तियों का दुरुपयोग न करे, संविधान के बुनियादी ढाँचे का एक अनिवार्य और अभिन्न हिस्सा है।
3. संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 द्वारा स्थापित 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग' (NJAC) को 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-on-Record एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' मामले में उच्चतम न्यायालय ने इस आधार पर असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया क्योंकि इसने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और शक्ति के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत को प्रभावित करते हुए संविधान के बुनियादी ढाँचे का उल्लंघन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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गांधी-इरविन समझौते को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
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