कोहलबर्ग के नैतिक विकास के अनुसार, 'सामाजिक अनुबंध' (Social Contract) का चरण किस स्तर का हिस्सा है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अनुसार, 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) का चरण उत्तर-परंपरागत स्तर (Post-conventional Level) के अंतर्गत आता है। यह इस सिद्धांत का पाँचवाँ चरण (Stage 5) है। इस स्तर पर व्यक्ति सामाजिक कानूनों और नियमों को एक लचीले अनुबंध के रूप में देखता है जो समाज के कल्याण के लिए बनाए गए हैं। यदि कोई कानून व्यक्तिगत अधिकारों या समाज के बड़े हितों की रक्षा करने में विफल रहता है, तो उसमें सुधार या बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया जाता है। इस प्रकार, नैतिकता अब केवल बाहरी प्राधिकरण या आँख मूँदकर नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानवीय मूल्यों और लोकतांत्रिक समझौतों पर आधारित होती है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- कोहलबर्ग के सिद्धांत में कुल 3 स्तर और प्रत्येक में 2 चरण (कुल 6 चरण) शामिल हैं।
- पूर्व-परंपरागत स्तर (Pre-conventional) में आज्ञाकारिता-सज़ा और आत्म-रुचि (Stage 1 & 2) शामिल हैं।
- परंपरागत स्तर (Conventional) में 'अच्छा लड़का/लड़की' और 'कानून एवं व्यवस्था' (Stage 3 & 4) आते हैं।
- विकल्प 'अ' (पूर्व-परंपरागत) और विकल्प 'ब' (परंपरागत) गलत हैं क्योंकि वे उच्च स्तर की अमूर्त नैतिक सोच और सार्वभौमिक मानवाधिकारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: लॉरेंस कोहलबर्ग ने जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के विचारों को आगे बढ़ाते हुए नैतिक विकास का व्यापक प्रारूप प्रस्तुत किया। इसके तहत कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत बाल मनोविज्ञान और शिक्षक पात्रता परीक्षाओं जैसे CTET, UPTET तथा MPTET में अत्यधिक महत्व रखता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में कोहलबर्ग के चरणों पर आधारित स्थितिजन्य (situational) प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। 'सामाजिक अनुबंध' चरण को समझने के लिए यह पहचानना जरूरी है कि जहाँ चरण 4 (कानून और व्यवस्था) नियमों को अटल मानता है, वहीं चरण 5 (सामाजिक अनुबंध) यह स्वीकार करता है कि नियम समाज की सहमति से बदलते भी हैं। परीक्षार्थियों को सभी छह चरणों के मुख्य कीवर्ड्स और उनके स्तरों को अच्छी तरह याद रखना चाहिए ताकि भ्रम से बचा जा सके और सटीक उत्तर दिया जा सके।