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राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रणाली द्वारा होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत से होता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत 'संवैधानिक उपचारों के अधिकार' तथा इसके अंतर्गत जारी की जाने वाली विभिन्न 'रिट' (Writs) की सीमाओं और क्षेत्राधिकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जिसके तहत सर्वोच्च न्यायालय को किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), अधिकार-पृच्छा (Quo-Warranto) और उत्प्रेषण (Certiorari) रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है।
2. 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) रिट का शाब्दिक अर्थ 'को शरीर को प्रस्तुत किया जाए' है, और यह रिट किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण या निजी व्यक्ति दोनों के खिलाफ अवैध हिरासत के विरुद्ध व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जारी की जा सकती है।
3. 'उत्प्रेषण' (Certiorari) और 'प्रतिषेध' (Prohibition) दोनों रिट केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक निकायों के विरुद्ध ही जारी की जा सकती हैं, और ये किसी प्रशासनिक प्राधिकरण (Administrative Authorities) या विधाई निकायों (Legislative Bodies) के कार्यों या निर्णयों के विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संसद की विधायी प्रक्रिया के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 117' के अंतर्गत 'वित्तीय विधेयकों' (Financial Bills - श्रेणी I और II) की विशेषताओं और उनके प्रस्तुतीकरण की प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय विधेयक (श्रेणी-I) में धन विधेयक (अनुच्छेद 110) की सभी विशेषताएं शामिल होती हैं, इसके अलावा इसमें अन्य विधायी मामले भी हो सकते हैं, जिसके कारण इसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में से किसी भी सदन में पुनःस्थापित (Introduce) किया जा सकता है।
2. कोई भी वित्तीय विधेयक (श्रेणी-I या श्रेणी-II) संसद के किसी भी सदन में तब तक पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता और न ही उस पर कोई सिफारिशी मतदान कराया जा सकता है, जब तक कि राष्ट्रपति द्वारा इसके लिए पूर्व संस्तुति (Prior Recommendation) न दी गई हो।
3. वित्तीय विधेयक (श्रेणी-II) के संबंध में, यद्यपि इसे पारित करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति की आवश्यकता होती है, किंतु संसद के दोनों सदनों द्वारा इसे पारित किए जाने की विधायी प्रक्रिया बिल्कुल एक सामान्य साधारण विधेयक (Ordinary Bill) के समान ही होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) और पृथ्वी के आंतरिक भाग की संरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह यात्रा करती हैं, और ये ठोस, तरल तथा गैस तीनों प्रकार के माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं और तरल माध्यम में लुप्त हो जाती हैं।
2. 'धरातलीय तरंगें' (Surface Waves या L-waves) भूकंप के केंद्र (Focus) पर उत्पन्न होने वाली सबसे तीव्र और पहली तरंगें होती हैं, जो पृथ्वी के आंतरिक भाग से गुजरते हुए सीधे सबसे पहले भूकंपीय मापी (Seismograph) पर दर्ज की जाती हैं और सर्वाधिक विनाशकारी होती हैं।
3. पृथ्वी के क्रोड़ (Core) में बाह्य क्रोड़ (Outer Core) के तरल होने के कारण S-तरंगें वहाँ प्रवेश नहीं कर पाती हैं, जिससे भूकंपीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone) का निर्माण होता है, जिसके माध्यम से वैज्ञानिकों को यह पता चला कि पृथ्वी का बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' (National Board for Wildlife - NBWL) तथा 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' के विधिक एवं संस्थागत प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' (NBWL) की स्थापना 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' (वर्ष 2003 के संशोधनों के उपरांत) के अंतर्गत एक सांविधिक (Statutory) शीर्ष सलाहकार निकाय के रूप में की गई है, जिसकी अध्यक्षता पदेन रूप से केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री द्वारा की जाती है, और यह देश में वन्यजीवों तथा संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ी नीतियों के निर्धारण के लिए उत्तरदायी है।
2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय उद्यान (National Park) या वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuary) की सीमाओं में परिवर्तन या उसके अंतर्गत किसी भी गैर-वानिकी गतिविधियों के लिए वाणिज्यिक उपयोग हेतु 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' की स्थायी समिति (Standing Committee) की पूर्व अनुमति या संस्तुति लेना अनिवार्य है।
3. 'गोवा फाउंडेशन बनाम भारत संघ' और अन्य संबंधित न्यायिक मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र (Protected Area) के चारों ओर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील जोन (Eco-Sensitive Zone - ESZ) का सीमांकन करना अनिवार्य है, जिसकी न्यूनतम चौड़ाई अधिनियम के तहत सभी राज्यों के लिए एकसमान रूप से कम से कम 10 किलोमीटर तय की गई है, जिसमें किसी भी प्रकार के छूट का कोई प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'महासागरीय अम्लीकरण' (Ocean Acidification) और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय अम्लीकरण मुख्य रूप से वायुमंडल में मानवजनित कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) के बढ़ते अवशोषण के कारण होता है, जिससे समुद्र के जल का pH स्तर गिर जाता है और यह प्रक्रिया समुद्र के क्षारीय (Alkaline) होने की प्रवृत्ति को और अधिक तीव्र कर देती है।
2. जब कार्बन डाइऑक्साइड समुद्री जल में घुलती है, तो यह जल के साथ अभिक्रिया करके कार्बोनिक अम्ल बनाती है, जो वियोजित होकर हाइड्रोजन आयनों ($H^+$) और बाइकार्बोनेट आयनों को मुक्त करता है, जिससे उपलब्ध कार्बोनेट आयनों की सांद्रता में कमी आ जाती है।
3. कार्बोनेट आयनों की सांद्रता में यह कमी कैल्सीफाइंग जीवों (Calcifying Organisms), जैसे कि प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs), मोलस्क और कुछ प्रकार के फाइटोप्लांकटन के लिए कैल्शियम कार्बोनेट ($CaCO_3$) के कंकाल और कवच का निर्माण करना अत्यंत कठिन बना देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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