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Indian Polity
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अस्पृश्यता (Untouchability) का उन्मूलन किस अनुच्छेद द्वारा किया गया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है और इसके किसी भी रूप में प्रचलन को दंडनीय अपराध घोषित करता है।
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश भारत की सीटों का आंटन प्रत्येक दस लाख की जनसंख्या पर एक सदस्य के अनुपात में किया गया था।
2. रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा नामांकित किया जाना था, और यही कारण है कि संविधान सभा पूरी तरह से एक निर्वाचित निकाय थी जिसमें मनोनीत सदस्यों के लिए कोई स्थान नहीं था।
3. 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) में यह संकल्प व्यक्त किया गया था कि भारत एक स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य होगा और इसके समस्त क्षेत्रों का प्रशासन तथा शक्ति का स्रोत जनता होगी।
4. संविधान के निर्माण के लिए संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी और इसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों और अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यह परिषद् एक स्थायी वैधानिक निकाय (Statutory Body) है जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना और उन पर निर्णय देना है, जो सभी संबंधित राज्यों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होते हैं।
2. अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को उस विषय पर संपूर्ण देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, तथा ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. अनुच्छेद 258A के अंतर्गत भारत का राष्ट्रपति, किसी राज्य की सरकार की सहमति से, उस राज्य को ऐसी कार्यकारी शक्तियाँ सौंप सकता है जो संघ की कार्यकारी शक्ति के अंतर्गत आती हैं, और इस प्रकार का प्रत्यायोजन (Delegation) संसद की किसी पूर्व अनुमति के बिना भी कार्यपालिका स्तर पर संभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और विशेष विधेयकों (जैसे संविधान संशोधन और धन विधेयक) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 368 के अधीन संविधान संशोधन विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित किया जा सकता है, और इस विधेयक को पारित करने के लिए प्रत्येक सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत के साथ-साथ सदन की कुल कुल सदस्य संख्या के बहुमत (Absolute Majority) का होना अनिवार्य है, तथा इसके लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान किसी भी स्थिति में लागू नहीं होता है।
2. अनुच्छेद 109 के अंतर्गत धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, और लोकसभा द्वारा पारित होने के बाद जब इसे राज्यसभा में भेजा जाता है, तो राज्यसभा के पास इस विधेयक को अस्वीकृत करने या इसमें संशोधन करने की शक्ति नहीं होती है, बल्कि वह अधिकतम 14 दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ इसे लोकसभा को लौटा सकती है, जिसे मानने या न मानने के लिए लोकसभा पूरी तरह स्वतंत्र है।
3. अनुच्छेद 117(1) के अंतर्गत उल्लिखित 'वित्तीय विधेयक (श्रेणी-I)' को केवल राज्यसभा में ही प्रथम बार पुनःस्थापित किया जा सकता है, और इसे पुनःस्थापित करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति की कोई आवश्यकता नहीं होती, बशर्ते इसे अंतिम चरण में लोकसभा द्वारा पारित किया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों और 'अल्पसंख्यक वर्गों के हितों के संरक्षण' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत प्रदत्त अंतःकरण की और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता के अधीन राज्य को यह शक्ति प्राप्त है कि वह आर्थिक, वित्तीय, राजनैतिक या किसी अन्य लौकिक क्रियाकलाप का विनियमन या निर्बंधन कर सकता है और सामाजिक कल्याण या सुधार के लिए हिन्दुओं की धार्मिक संस्थाओं को सभी वर्गों के हिंदुओं के लिए खोलने का उपबंध कर सकता है, जिसमें सिख धर्म के कृपण धारण करने और लेकर चलने का अधिकार भी स्पष्ट रूप से शामिल है।
2. अनुच्छेद 29 के खंड (1) के अनुसार भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का अधिकार है, तथा इस अनुच्छेद के अंतर्गत यह संरक्षण केवल 'धार्मिक अल्पसंख्यकों' तक ही सीमित है, भाषाई अल्पसंख्यकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
3. अनुच्छेद 30 के अधीन सभी अल्पसंख्यकों (चाहे वे धर्म पर आधारित हों या भाषा पर) को अपनी पसंद की शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार है, और राज्य जब ऐसी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को सहायता देने में भेदभाव नहीं करेगा, तब यदि राज्य किसी संस्था का अधिग्रहण करना चाहे जो अल्पसंख्यकों द्वारा प्रबंधित है, तो वह ऐसे नियम या कानून नहीं बना सकता जिससे उस संस्था के प्रबंधन का अधिकार अनिश्चित रूप से समाप्त हो जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनावी सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान की गई है, तथा यह एक अखिल भारतीय संस्था है जो केंद्र और राज्य दोनों के लिए समान रूप से निर्वाचन आयोजित करती है।
2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी संस्तुति देते हुए यह सिफारिश की थी कि एक व्यक्ति को दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, और इसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधित करके अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा निर्धारित कर दी गई।
3. निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थायी रूप से वर्ष 1950 से ही कार्य कर रहा है, जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, और इनके निर्णयों में मतभेद होने पर बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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