अधिगम के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) में 'स्वाभाविक अनुक्रिया' (Unconditioned Response) क्या है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
अधिगम के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) सिद्धांत का प्रतिपादन रूसी शरीर वैज्ञानिक इवान पावलोव (Ivan Pavlov) ने किया था। इस सिद्धांत में 'स्वाभाविक अनुक्रिया' (Unconditioned Response - UCR) वह जैविक या स्वाभाविक प्रतिक्रिया है जो बिना किसी पूर्व प्रशिक्षण या शिक्षण के प्राकृतिक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - UCS) के प्रति उत्पन्न होती है। प्रश्न में 'भोजन देखकर लार आना' एक स्वाभाविक और जन्मजात प्रतिक्रिया है, क्योंकि भोजन एक स्वाभाविक उद्दीपक है जिसके लिए किसी विशेष अधिगम या प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। यह प्रतिक्रिया जीव की जैविक संरचना और उत्तरजीविता का एक स्वाभाविक हिस्सा होती है। अतः विकल्प 'b' इस अवधारणा को पूरी तरह से सटीक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करता है, जो बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में अधिगम प्रक्रिया के मूल आधार को दर्शाता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- स्वाभाविक उद्दीपक (UCS): जैसे भोजन, जो प्राकृतिक रूप से प्रतिक्रिया को जन्म देता है।
- स्वाभाविक अनुक्रिया (UCR): जैसे भोजन को देखकर लार आना, जो जन्मजात और बिना सीखी हुई होती है।
- अस्वाभाविक उद्दीपक (CS): जैसे घंटी की आवाज, जिसे शुरुआत में तटस्थ (Neutral) माना जाता है।
- अस्वाभाविक अनुक्रिया (CR): जैसे केवल घंटी की आवाज सुनकर लार आना, जो कि एक सीखी हुई प्रतिक्रिया है।
- विकल्प 'a' (सीखी हुई प्रतिक्रिया) अस्वाभाविक अनुक्रिया को दर्शाता है। विकल्प 'c' (घंटी सुनकर लार आना) अनुबंधित प्रतिक्रिया (CR) है। विकल्प 'd' प्रशिक्षण का परिणाम भी अनुबंधन के बाद उत्पन्न होने वाली स्थिति है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन के प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि उद्दीपक और अनुक्रिया के साहचर्य से किस प्रकार नया व्यवहार सीखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अधिगम के सिद्धांत और पावलोव के प्रयोगों के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को समझें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (CTET, UPTET, DSSSB, KVS) में पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन से जुड़े पदों जैसे UCS, UCR, CS और CR के अंतर पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं। छात्रों को अक्सर 'स्वाभाविक' (Unconditioned) और 'अनुबंधित' (Conditioned) शब्दों में भ्रम होता है। 'Unconditioned' का अर्थ है जिस पर कोई पूर्व शर्त न हो यानी प्राकृतिक, और 'Conditioned' का अर्थ है जो प्रशिक्षण या अनुभव द्वारा अर्जित किया गया हो। कक्षा-कक्ष शिक्षण में इस सिद्धांत का उपयोग विद्यार्थियों में अच्छी आदतें विकसित करने, अनुशासन स्थापित करने और भय या ansiedad (Anxiety) को दूर करने के लिए किया जाता है। बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करते समय उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) के प्राकृतिक बनाम कृत्रिम स्वरूप की पहचान करना ही सफलता की कुंजी है।