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धन विधेयक को राष्ट्रपति:

Detailed Explanation

धन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से पेश होता है, अतः उसे पुनर्विचार के लिए नहीं लौटाया जा सकता।
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→ भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' (राज्य के नीति निर्देशक तत्व - अनुच्छेद 36 से 51) के अंतर्गत 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code - UCC) और इससे संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुसार राज्य, भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, और यह प्रावधान एक न्यायोचित (Justiciable) अधिकार है जिसे किसी भी व्यक्ति द्वारा सीधे उच्चतम न्यायालय में प्रवर्तित कराया जा सकता है यदि राज्य इसे लागू करने में असफल रहता है। 2. गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ पुर्तगाली सिविल कोड, 1867 (Portuguese Civil Code) के रूप में स्वतंत्रता पूर्व से ही एक साझी पारिवारिक और नागरिक कानून व्यवस्था लागू है, जो धर्म या समुदाय के आधार पर विभेद किए बिना अधिकांश नागरिकों पर समान रूप से लागू होती है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्णयों (जैसे शाह Bano मामला और सरला मुद्गल मामला) में यह रेखांकित किया गया है कि देश में एक समान नागरिक संहिता का अभाव राष्ट्रीय अखंडता और लैंगिक न्याय के उद्देश्य को प्राप्त करने में एक बड़ी बाधा है, तथा न्यायालय ने संसद से इस दिशा में उचित कानून बनाने का आग्रह किया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय पर्यावरण कानून और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना वर्ष 2010 में 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम' के तहत की गई थी, और यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत निर्धारित सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य है। 2. यह अधिकरण पर्यावरण से संबंधित किसी भी मामले में आदेश, निर्णय या पुरस्कार के खिलाफ अपनी ही पीठ के समक्ष पुनर्विचार (Review) याचिका दायर करने की शक्ति रखता है, लेकिन इसके निर्णयों के विरुद्ध पहली अपील सीधे उच्चतम न्यायालय में ही की जा सकती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1931 के 'कराची अधिवेशन' (Karachi Session) और उससे संबंधित 'मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रमों के प्रस्ताव' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज्य' के लक्ष्य को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया था। 2. इस अधिवेशन में पारित 'मौलिक अधिकारों और आर्थिक नीति' का ऐतिहासिक प्रस्ताव मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ उद्योगों के राज्य के नियंत्रण या स्वामित्व का प्रावधान भी शामिल था। 3. इस प्रस्ताव में पहली बार कृषि ऋणों की राहत, श्रमिकों के लिए जीवन निर्वाह मजदूरी और काम के उचित घंटों जैसे सामाजिक-आर्थिक अधिकारों को राष्ट्रीय आंदोलन के एजेंडे में शामिल किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) और इसकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को ऐसे मामलों में, जिनमें दंड या दंडादेश ऐसे विषय के संबंध में है जिस तक संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, किसी भी दोषी व्यक्ति को क्षमा, प्राвилंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश का निलंबन, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के मामलों में भी लागू होती है। 2. 'ईश्वर सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' तथा अन्य ऐतिहासिक निर्णयों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 72 के अधीन की गई दया याचिकाओं (Mercy Petitions) पर निर्णय लेने की शक्ति पर कोई समय-सीमा (Time-limit) निर्धारित नहीं है, तथा राष्ट्रपति की यह शक्ति पूरी तरह से उनकी स्वयं की वैयक्तिक (Personal) और अनियंत्रित विवेकबुद्धि पर आधारित होती है, जिस पर किसी भी प्रकार की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) नहीं की जा सकती है। 3. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह से प्रयोग की जाती है, और यदि राष्ट्रपति किसी दया याचिका को अस्वीकार कर देते हैं, तो संविधान के तहत यह आवश्यक नहीं है कि वे अपने निर्णय के कारणों को लिखित रूप में दर्ज करें, हालांकि न्यायालयों द्वारा यह परीक्षण किया जा सकता है कि क्या निर्णय प्रक्रिया में किसी प्रकार की मालाफाइड (Malafide) भावना या मनमानापन था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → हाल ही में खोजा गया ब्रैकीबैक्टीरियम नेताजी किस कारण चर्चा में है?
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