त्वरित लिंक्स
Civil services
21 views
लॉर्ड विलियम बेंटिक का भारत के गवर्नर-जनरल के रूप में कार्यकाल क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉर्ड विलियम बेंटिक का कार्यकाल 1828 से 1835 तक रहा था।
Related Questions
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) तथा आपातकालीन प्रावधानों के तहत विधायी शक्तियों के वितरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, और किसी भी संसदीय कानून को इस आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता कि उसका 'अतिरिक्त प्रादेशिक विस्तार' (Extra-territorial operation) है।
2. अनुच्छेद 249 के अंतर्गत यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को उस विषय पर पूरे देश के लिए कानून बनाने की शक्ति मिल जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. जब भारत में अनुच्छेद 352 के तहत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) प्रवृत्त होता है, तब संसद को राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर पूरे या भारत के किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और आपातकाल की समाप्ति के पश्चात संसद द्वारा बनाए गए ऐसे कानून अनिश्चितकाल तक तब तक प्रभावी बने रहते हैं जब तक कि राज्य का विधानमंडल उन्हें निरस्त या संशोधित नहीं कर देता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
ICC Women's T20 World Cup 2026 का खिताब किस देश ने जीता है?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 76' के अंतर्गत 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India) के पद, उनकी योग्यताओं और उनके अधिकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) पद धारण करता है, जिसके लिए यह संवैधानिक अनिवार्यता है कि वह उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित (Qualified) होना चाहिए।
2. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे संसद में मतदान करने का कोई अधिकार नहीं है।
3. महान्यायवादी भारत सरकार का पूर्णकालिक (Full-time) विधि अधिकारी होता है, अतः उसे किसी भी निजी विधि प्रैक्टिस (Private Legal Practice) या ऐसे आपराधिक मामलों में जिनमें सरकार के खिलाफ या बचाव पक्ष में पेश होना पड़े, वकालत करने की सख्त संवैधानिक मनाही होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'हरित बांड' (Green Bonds) और 'सॉवरन ग्रीन बॉंड्स' (Sovereign Green Bonds - SGrBs) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हरित बांड ऐसे निश्चित आय वाले वित्तीय साधन हैं, जिनका उपयोग विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के शमन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और कम कार्बन वाले सतत विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाता है, और इन्हें केवल अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा ही जारी किया जा सकता है।
2. भारत सरकार ने अपने जलवायु लक्ष्यों (NDCs) को पूरा करने के लिए अपनी पूंजीगत व्यय की लागत को कम करने के उद्देश्य से केंद्रीय बजट के अंतर्गत 'फ्रेमवर्क फॉर सॉवरन ग्रीन बॉंड्स' को मंजूरी दी है, जिसके तहत जारी इन बांडों से प्राप्त राशि को देश के समेकित निधि (Consolidated Fund of India) में अन्य सरकारी राजस्व के साथ मिला दिया जाता है।
3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी सॉवरन ग्रीन बॉंड के ढांचे के अनुसार, इन फंडों के उपयोग की निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक 'ग्रीन फाइनेंस वर्किंग ग्रुप' का गठन किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि जुटाई गई धनराशि का आवंटन केवल विहित 'हरित पात्र परियोजनाओं' (Eligible Green Projects) में ही किया जाए और जीवाश्म ईंधन आधारित बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं को इससे पूर्णतः बाहर रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 200' और 'अनुच्छेद 201' के अंतर्गत राज्य के राज्यपाल की विधイਕ शक्तियों (Legislative Powers regarding Bills) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत जब राज्य विधानमंडल द्वारा कोई विधेयक पारित कर राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो राज्यपाल के पास यह शक्ति होती है कि वह विधेयक को अपनी अनुमति दे सकता है, अनुमति रोक सकता है, अथवा विधेयक (धन विधेयक को छोड़कर) को राज्य विधानमंडल के पास पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है।
2. यदि राज्य विधानमंडल किसी विधेयक को संशोधन के साथ या उसके बिना दोबारा पारित कर देता है और उसे फिर से राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत करता है, तो राज्यपाल के लिए उस विधेयक पर अपनी अनुमति देना संवैधानिक रूप से अनिवार्य हो जाता है, और वह उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित नहीं कर सकता है।
3. राज्यपाल किसी राज्य विधानमंडल द्वारा पारित ऐसे किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित (Reserve) कर सकता है, जो उच्च न्यायालय की शक्तियों को इस प्रकार से कम करता है कि जिससे संविधान द्वारा उच्च न्यायालय कोप्रदत्त स्थिति का उल्लंघन होता हो, और ऐसे मामलों में राष्ट्रपति के लिए उस विधेयक पर अपनी अनुमति देना अनिवार्य नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.