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भारतीय प्रशासनिक सुधारों और सिविल सेवा के संदर्भ में, 'सत्यानंद वासुदेव राव (एस.वी.आर.) अय्यर समिति' या अन्य प्रशासनिक सुधार समितियों से हटकर, 'कोठारी समिति (1976)' की सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित निम्नलिखित संस्तुतियों पर विचार कीजिए:
- 1. इस समिति ने सुझाव दिया था कि सिविल सेवा परीक्षा की त्रि-स्तरीय संरचना होनी चाहिए, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) शामिल हों।
- 2. समिति ने सिफारिश की थी कि सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयन के बाद उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देने से पहले उनकी विश्वविद्यालय स्तर की डिग्री के आधार पर ही सीधे कैडर आवंटित कर दिया जाना चाहिए।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: डी.एस. कोठारी की अध्यक्षता में गठित समिति (1976) ने सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन की संस्तुति की थी, जिसके आधार पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा में त्रि-स्तरीय प्रणाली (प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) को अपनाया। कथन 2 गलत है क्योंकि समिति ने ऐसा कोई सुझाव नहीं दिया था कि प्रशिक्षण से पूर्व ही सीधे कैडर आवंटित कर दिया जाए; कैडर आवंटन की वर्तमान व्यवस्था और प्रशिक्षण के नियम अलग हैं तथा समिति की मुख्य सिफारिशें परीक्षा के पैटर्न, पाठ्यक्रम और माध्यम से जुड़ी थीं।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVI' (कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध - अनुच्छेद 330 से 342A) तथा इसके अंतर्गत 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग' (NCBC) से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग' (NCBC) को एक संवैधानिक निकाय का दर्जा प्रदान किया गया और इसके लिए संविधान में नया अनुच्छेद 338B अंतःस्थापित किया गया, जिसके तहत आयोग के सदस्यों की सेवा शर्तें और पदावधि राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
2. संविधान के अनुच्छेद 342A के अनुसार राष्ट्रपति, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संबंध में, उस राज्य के राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात्, लोक अधिसूचना द्वारा उन सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBCs) को विनिर्दिष्ट कर सकता है जिन्हें उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के प्रयोजनों के लिए 'पिछड़ा वर्ग' माना जाएगा।
3. 105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021 द्वारा अनुच्छेद 342A में संशोधन करके यह स्पष्ट किया गया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने स्वयं के प्रयोजनों के लिए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की अपनी सूची (State List of SEBCs) तैयार करने और बनाए रखने का अधिकार है, और यह अधिकार केवल केंद्र सरकार या राष्ट्रपति के पास ही निहित नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संविधान सभा में कुल कितनी महिला सदस्य थीं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत' (Plate Tectonics Theory) और महाद्वीपीय विस्थापन तथा भूपटलिय संचलन के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार, पृथ्वी का स्थलमंडल (Lithosphere) कठोर स्लैब या 'विवर्तनिक प्लेटों' (Tectonic Plates) के रूप में विभाजित है, जो दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) के ऊपर तैरती हैं और इन प्लेटों की गति के तीन मुख्य प्रकार हैं: अभिसारी सीमाएँ (Convergent Boundaries), अपसारी सीमाएँ (Divergent Boundaries) और रूपांतरित सीमाएँ (Transform Boundaries)।
2. 'अपसारी सीमाओं' (Divergent Boundaries) पर प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं, जिससे नए पर्पटी (Crust) का निर्माण होता है (जैसे मध्य-महासागरीय कटक - Mid-Oceanic Ridges), जबकि 'अभिसारी सीमाओं' (Convergent Boundaries) पर भारी महासागरीय प्लेट हल्की प्लेट के नीचे धंस जाती है जिसे 'सबडक्शन जोन' (Subduction Zone) कहा जाता है, जहाँ भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएँ सर्वाधिक होती हैं।
3. 'रूपांतरित सीमाओं' (Transform Boundaries) पर प्लेटें न तो नए क्रस्ट का निर्माण करती हैं और न ही किसी पुराने क्रस्ट का विनाश करती हैं, बल्कि वे एक-दूसरे के समांतर क्षैतिज दिशा में फिसलती हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में तीव्र ज्वालामुखी विस्फोट और विवर्तनिक पर्वतमालाओं (जैसे हिमालय) का प्रत्यक्ष निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों - अनुच्छेद 243 से 243O) और '73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में 'ग्यारहवीं अनुसूची' जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए कुल 29 कार्यात्मक विषयों (Functional Items) का उल्लेख किया गया है, और इन विषयों पर विधि बनाकर पंचायतों को शक्ति प्रदान करना राज्यों के लिए अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है।
2. इस अधिनियम के तहत प्रत्येक राज्य में पंचायतों के त्रि-स्तरीय (Three-tier) ढांचे का प्रावधान किया गया है, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर (Intermediate level) की पंचायत का गठन न करने की छूट दी गई है।
3. पंचायतों के सभी स्तरों पर प्रत्यक्ष चुनावों के माध्यम से भरे जाने वाले कुल स्थानों में से कम से कम एक-तिहाई (यानी 35 प्रतिशत) स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, तथा यह आरक्षण अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों पर भी लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण के संदर्भ में, 'जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Biological Nitrogen Fixation) और नाइट्रोजन चक्र से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद पौधे इसे सीधे अवशोषित नहीं कर सकते, इसलिए कुछ विशेष सूक्ष्मजीव (जैसे राइजोबियम, ऐज़ाटोबैक्टर और सायनोबैक्टीरिया) नाइट्रोजन एंजाइम (Nitrogenase complex) की सहायता से वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करते हैं।
2. नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे रसायनसंश्लेषी (Chemoautotrophic) बैक्टीरिया 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) प्रक्रिया के दौरान अमोनिया को सीधे मुक्त नाइट्रोजन गैस में परिवर्तित करके वापस वायुमंडल में भेजने के लिए उत्तरदायी होते हैं।
3. 'विनाइट्रीकरण' (Denitrification) प्रक्रिया मुख्य रूप से अवायवीय (Anaerobic) परिस्थितियों में स्यूडोमोनास जैसे बैक्टीरिया द्वारा संचालित होती है, जिसके अंतर्गत नाइट्रेट्स का अपचयन होकर नाइट्रोजन गैस का निर्माण होता है, जो नाइट्रोजन चक्र को संतुलित बनाए रखती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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