विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'स्रवण बाधित बालकों' (Hearing Impaired Children) की शिक्षा में 'मौन पठन' (Silent Reading) की तुलना में 'ओष्ठ पठन' (Lip Reading/Speech Reading) का शिक्षण में क्या विशिष्ट महत्व है?
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Detailed Explanation
श्रवण बाधित बालकों (Hearing Impaired Children) के शिक्षण में 'ओष्ठ पठन' (Lip Reading) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधि है। इसके माध्यम से बालक वक्ता के होंठों की गति, चेहरे के हाव-भाव और श्वास के उतार-चढ़ाव को देखकर यह समझता है कि क्या कहा जा रहा है। यह विधि विशेष रूप से मौखिक भाषा को समझने, वैचारिक स्पष्टता लाने और समाज के अन्य लोगों के साथ प्रभावी संप्रेषण (Communication) स्थापित करने में सहायक होती है, जिससे उनका सामाजिक और भाषाई विकास सुगम हो जाता है।
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'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के अधिगम' के संदर्भ…
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निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीति उस बच्चे को पाठ योजना…
Related Questions
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'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'दृष्टिबाधित अधिगमकर्ताओं के समावेश और स्थानिक संज्ञान (Spatial Cognition) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, मस्तिष्क के 'दृश्य कॉर्टेक्स' (Visual Cortex) में होने वाली 'तंत्रिका प्लास्टिसिटी' (Neural Plasticity) और संवेदी प्रतिस्थापन (Sensory Substitution) की गतिकी, जिसके तहत ब्रेल लिपि (Braille Literacy) और स्पर्शनीय मानचित्रों के प्रसंस्करण के दौरान 'सोमेटोसेंसररी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex) और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobes) का सक्रियण होता है, तथा रीटा कार्टर (Rita Carter) और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान द्वारा प्रतिपादित 'मस्तिष्क के क्रॉस-मॉडल पुनर्गठन' (Cross-modal Plasticity) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्पर्श-आधारित शिक्षण सामग्री (Tactile TLM) के डिजाइन और विद्यार्थियों में स्थानिक अभिविन्यास व स्वतंत्र गतिशीलता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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कौन-सी प्रक्रिया विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निश्चित मानक कक्षा में प्रवेश करने की अनुमति देती है, जब वे अपने बाकी साथियों के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता दिखाते हैं?
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एक शिक्षक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के हितों के प्रति निम्न द्वारा प्रतिक्रिया कर सकता है-
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और 'अधिकार अधिनियम (RPwD Act 2016)' के प्रावधानों तथा 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय संवेदी, शारीरिक, बौद्धिक या बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों को सामान्य बालकों के साथ मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यचर्या में लचीलापन, सुगम्यता (Accessibility) और सहायक तकनीकी (Assistive Technology) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षाशास्त्र के इन तात्विक एवं वैधानिक मानदंडों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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एक शिक्षिका अपनी कक्षा में 'दृष्टिबाधित' छात्रों की आवश्यकताओं को कैसे पूरा कर सकती है?
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