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जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 14 times

जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'संज्ञानात्मक असंतुलन' (Cognitive Disequilibrium) की स्थिति उत्पन्न होने पर, बच्चा अपने पूर्व-निर्मित स्कीमा (Schemata) में नए अनुभवों को समायोजित करने के लिए जो मानसिक प्रक्रिया अपनाता है, उसे क्या कहा जाता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के सिद्धांत के अनुसार, जब बच्चे के सामने कोई ऐसा नया अनुभव या जानकारी आती है जो उसके मौजूदा स्कीमा (Schema) में फिट नहीं बैठती, तब 'संज्ञानात्मक असंतुलन' (Cognitive Disequilibrium) की स्थिति पैदा होती है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए बच्चा या तो अपने पुराने स्कीमा में बदलाव करता है या एक नया स्कीमा बनाता है, जिसे 'समायोजन' (Accommodation) कहा जाता है। इसके विपरीत, जब बच्चा नए अनुभव को अपने मौजूदा स्कीमा में बिना किसी बदलाव के समाहित कर लेता है, तो उसे 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) कहते हैं।
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