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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. पी. टोरेंस (E.P. Torrance) द्वारा विकसित 'टोरेंस टेस्ट्स ऑफ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के मौखिक (Verbal) और क्रियात्मक (Figural) परीक्षणों में सृजनात्मकता के मुख्य घटकों का मूल्यांकन किया जाता है। टोरेंस के अनुसार, किसी समस्या के समाधान के लिए एक ही श्रेणी या क्षेत्र के भीतर विभिन्न प्रकार के अनेक उत्तर देने की क्षमता सृजनात्मकता के किस विशिष्ट घटक को प्रदर्शित करती है?

Detailed Explanation

टोरेंस (E.P. Torrance) के सृजनात्मकता सिद्धांत के अनुसार, 'धाराप्रवाहता' (Fluency) से तात्पर्य किसी निश्चित समय में किसी समस्या या कार्य के संबंध में विचारों, उत्तरों या समाधानों की कुल संख्या उत्पन्न करने की क्षमता से है। जब कोई बालक एक ही श्रेणी के अंतर्गत कई सारे विचार प्रस्तुत करता है, तो यह उसकी वैचारिक प्रवाहता (Ideational Fluency) को दर्शाता है। वहीं, 'लचीलापन' (Flexibility) विभिन्न श्रेणियों या दृष्टिकोणों से सोचने की क्षमता है, 'मौलिकता' (Originality) विचारों की अनूठी या दुर्लभ प्रकृति से जुड़ी है, और 'विस्तारीकरण' (Elaboration) किसी सामान्य विचार को विस्तृत और क्रियान्वित रूप देने की क्षमता से संबंधित है।
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