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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित मॉडल के अनुसार, जब कोई बालक किसी समस्या के समाधान हेतु अपनी बौद्धिक क्षमताओं का प्रयोग करते हुए दिए गए तथ्यों के आधार पर केवल एक ही पारंपरिक और सबसे सही निष्कर्ष पर पहुँचने का प्रयास करता है, तो गिलफोर्ड के बुद्धि के त्रि-आयामी त्रि-अक्षीय वर्गीकरण (Operations, Contents, Products) के अंतर्गत यह मानसिक प्रक्रिया मुख्य रूप से किस बौद्धिक आयाम (Dimension) से संबंधित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन मुख्य आयामों में वर्गीकृत किया गया है: 1. संक्रियाएँ (Operations), 2. विषय-वस्तु (Contents), और 3. उत्पाद (Products)। जब कोई व्यक्ति या बालक चिंतन, स्मृति, अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking), अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) या मूल्यांकन जैसी मानसिक क्रियाओं का निष्पादन करता है, तो यह सब 'संक्रियाएँ' (Operations) आयाम के अंतर्गत आता है। प्रश्न में दी गई समस्या-समाधान की प्रक्रिया एक मानसिक संक्रिया का हिस्सा है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और भाषा अर्जन (Language Development and Acquisition)' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noom Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन उपकरण (Language Acquisition Device - LAD)' और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) और 'आर्कुएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच व्याकरणिक प्रसंस्करण (Syntactic Processing), शब्दार्थ संबंधी बोध (Semantic Comprehension) और मौखिक उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (विशेषकर आंतरिक भाषण - Inner Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी शिक्षाशास्त्र (Multilingual Pedagogy) और विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता व संज्ञानात्मक स्व-विनियमन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भौतिक विभाजनों और उनके विशिष्ट लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग (गंगा-यमुना का मैदान) मुख्य रूप से जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसे स्थानीय रूप से 'काँप मिट्टी' भी कहा जाता है, और इसका ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड का पठार कहा जाता है) प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर की ओर फैला हुआ हिस्सा है, जो प्राचीन विंध्यन क्रम की चट्टानों से बना है तथा यहाँ की मुख्य नदियाँ चंबल, बेतवा और केन हैं।
3. तराई क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण, नम और दलदली पट्टी है, जहाँ भूमिगत नदियाँ प्रकट होती हैं और यह क्षेत्र घने जंगलों तथा लम्बे 'तलाई' घासों के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - कार्यकारी नियंत्रण और संज्ञानात्मक योजना), 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (TPJ - सामाजिक संज्ञान और दूसरों के दृष्टिकोण को समझना), तथा 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - सामाजिक भाषा और मध्यस्थ वाक्/Private Speech का प्रसंस्करण) के बीच सहयोगात्मक न्यूरोनल सिंक्रनाइजेशन, इंटर-ब्रेन कपलिंग (Inter-brain Coupling), और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स (जैसे सुपीरियर लोंगिट्यूडल फेसिकुलस) के सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर के 'स्कैफोल्डिंग' अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-वाइगोत्स्कियन ऑप्टिमाइज्ड सोशियो-कॉग्निटिव पेडागोजी' (Neuro-Vygotskian Optimized Socio-Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, स्वनिर्देशित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों और उनके भौगोलिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भाबर क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक गिरिपद (Foothills) में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक एक संकीर्ण पट्टी के रूप में फैला है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे अवसादों का निक्षेपण करती हैं और अधिकांश नदियाँ इस अदृश्य क्षेत्र में विलुप्त हो जाती हैं।
2. बांगड़ क्षेत्र पुरानी जलोढ़ मिट्टी से निर्मित मैदान है जो नदियों की बाढ़ की पहुँच से ऊँचाई पर स्थित होता है, और इस क्षेत्र में अक्सर भूमि के अत्यधिक उपजाऊपन में कमी आने से 'रेह' या 'कल्लर' (नमकीन एवं क्षारीय उर भूमि) की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
3. विंध्यन पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दक्षिण में सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली और प्रयागराज के मेजा व करछना तहसीलों का भूभाग शामिल है, जहाँ बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और गेरू जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई जानकारी को अपने पूर्ववर्ती स्कीमा (Schema) में फिट करने के लिए उसमें संशोधन करता है या एक नया स्कीमा निर्मित करता है, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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