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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समासमायोजन और रक्षा तंत्र' (Adjustment and Defense Mechanisms) के संदर्भ में, मनोविश्लेषक सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित रक्षा तंत्रों में से 'प्रतिक्रिया निर्माण' (Reaction Formation) की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

सिगमंड फ्रायड और उनकी पुत्री अन्ना फ्रायड द्वारा प्रतिपादित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) में 'प्रतिक्रिया निर्माण' (Reaction Formation) वह मानसिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा अहंकार (Ego) किसी व्यक्ति की अवांछित, अस्वीकार्य या दमित इच्छाओं (जैसे क्रोध, घृणा या अनैतिक भावनाएं) को छिपाने के लिए उनके बिल्कुल विपरीत भावनाओं या व्यवहारों को चेतन मन में अत्यधिक प्रबलता के साथ प्रदर्शित करता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति के मन में किसी के प्रति गहरी शत्रुता का भाव होने पर भी अत्यधिक स्नेह या शिष्टाचार का दिखावा करना। विकल्प 'b' प्रक्षेपण (Projection), विकल्प 'c' प्रतिगमन (Regression), और विकल्प 'd' युक्तिकरण (Rationalization) को दर्शाता है।
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उत्तर प्रदेश की बोलियों, उपभाषाओं और हिंदी साहित्य के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में बोली जाने वाली 'ब्रजभाषा' का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बोली जाने वाली 'अवधी' और 'भोजपुरी' में से अवधी का विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से तथा भोजपुरी का विकास मागधी अपभ्रंश से माना जाता है। 2. 'खड़ी बोली' (कौरवी) का उद्गम भी शौरसेनी अपभ्रंश के उत्तरी रूप से हुआ है, और आधुनिक हिंदी गद्य के विकास में भारतेंदु युग से पूर्व खड़ी बोली में गद्य लेखन का सूत्रपात करने वाले रचनाकारों में लल्लू लाल और सदल मिश्र का नाम प्रमुख है। 3. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में बोली जाने वाली 'बुंदेली' और बघेलखंड क्षेत्र में बोली जाने वाली 'बघेली' दोनों ही बोलियाँ बिहारी उपभाषा वर्ग के अंतर्गत आती हैं, जिन्हें ग्रियर्सन के भाषाI सर्वे में पूर्वी हिंदी की शाखा माना गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा यह समझने लगता है कि किसी वस्तु का आकार या रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान (जैसे पानी की मात्रा या मिट्टी का गोला) अपरिवर्तित रहता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक कौशल को क्या कहा जाता है और यह किस अवस्था की मुख्य विशेषता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और चिंतन (Creativity and Thinking)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे. पी. गिलफर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएन्सी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), सहज साहचर्य (Spontaneous Association), और कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, क्रिएटिव-ओरिएंटेड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Creative-Oriented Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, वैचारिक विविधता व समग्र सृजनात्मक क्षमताओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'अवलोकन संबंधी अधिगम और मॉडलिंग' (Observational Learning and Modeling: ध्यान, अवधारण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus) के बीच प्रत्यक्ष अवलोकन, मोटर अनुकरण (Motor Imitation), और vicarious reinforcement (परोक्ष सुदृढीकरण) की सक्रियण गतिकी, तथा जुलियन रोटर (Julian Rotter) के 'लोकस ऑफ कंट्रोल' (Locus of Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Social Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy), सकारात्मक अनुकरणीय व्यवहार व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी। 2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे। 3. प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य को वेदों और पुराणों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहाँ महर्षि दधीचि और अन्य ऋषियों ने वेदों के संकलन एवं अध्यापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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