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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) के संदर्भ में, जब किसी सीखने की प्रक्रिया में आरंभिक चरण में अधिगम की गति अत्यंत धीमी होती है, किंतु जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, अधिगम की गति में तीव्र वृद्धि होने लगती है और अंततः वह एक निश्चित पठार (Plateau) की ओर अग्रसर होती है, तो इस विशिष्ट प्रकार के अधिगम वक्र को मनोवैज्ञानिक रूप से किस नाम से जाना जाता है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास एवं शिक्षण विधि के अंतर्गत 'अधिगम के वक्र' महत्वपूर्ण विषय है। नतोदर वक्र (Concave Curve) या 'धनात्मक त्वरण वक्र' वह वक्र होता है जिसमें प्रारंभ में सीखने की गति धीमी होती है क्योंकि शिक्षार्थी विषय-वस्तु से अपरिचित होता है, लेकिन अभ्यास जारी रखने पर अधिगम की गति तेजी से बढ़ने लगती है। इसके विपरीत, उन्नतोदर वक्र (Convex Curve) में प्रारंभ में गति तीव्र और बाद में धीमी हो जाती है। 'एस-आकार' के वक्र में दोनों अवस्थाएं सम्मिलित होती हैं। अत: यहाँ सही विकल्प 'ए' (नतोदर वक्र) है।
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उत्तर प्रदेश की जनजातियों और उनकी सांस्कृतिक व भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. थारू जनजाति - मुख्य रूप से गोरखपुर, महाराजगंज और लखीमपुर खीरी के तराई क्षेत्रों में निवास करती है, जो दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है। 2. बुक्सा (बोक्सा) जनजाति - मुख्य रूप से बिजनौर और आगरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती है, जो 'पटवारी' और 'बिंद्या' जैसे हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करती है और 'हिन्दी' व 'ब्रजभाषा' की बोलियों का प्रयोग करती है। 3. खरवार जनजाति - मुख्य रूप से सोनभद्र, चंदौली और देवरिया जिलों में निवास करती है, जिनका मुख्य पारंपरिक नृत्य 'कर्मा' है जो कृषि उत्सवों और प्रकृति पूजा के समय आयोजित किया जाता है। 4. जौनसारी जनजाति - मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर और महोबा जिलों में पाई जाने वाली एक प्राचीन जनजाति है, जो पशुपालन और कृषि पर निर्भर है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक स्वरूप के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड पठार' और 'विंध्यन श्रेणी' से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है, जो प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है और यहाँ ग्रेनाइट तथा नीस (Gneiss) जैसी प्राचीन आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानें पाई जाती हैं। 2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे बेतवा, केन, चंबल और धसान उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होते हुए यमुना नदी में मिलती हैं और अपने मार्ग में गहरे कंदराओं (Ravines) व बीहड़ों का निर्माण करती हैं। 3. विंध्यन पर्वत श्रेणी का विस्तार उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, सोनभद्र और चित्रकूट जिलों के कुछ भागों में पाया जाता है, जहाँ बलुआ पत्थर (Sandstone) की प्रचुरता है जिसका उपयोग ऐतिहासिक भवनों और स्थापत्य कला में बड़े पैमाने पर किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, टाइगर रिजर्व और पक्षी विहारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में कुल चार आधिकारिक टाइगर रिजर्व हैं, जिनमें 'दुधवा टाइगर रिजर्व' (लखीमपुर खीरी), 'पीलीभीत टाइगर रिजर्व' (पीलीभीत), 'अमानगढ़ टाइगर रिजर्व' (बिजनौर) और हाल ही में अधिसूचित 'रानीपुर टाइगर रिजर्व' (चित्रकूट) शामिल हैं। 2. 'बखिरा पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध रामसर स्थल (Ramsar Site) है, जो प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। 3. 'ओखला पक्षी विहार' गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की सीमा पर यमुना नदी के तट पर स्थित है, जो क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'experiential learning cycle' (अनुभवात्मक अधिगम चक्र: मूर्त अनुभव, चिंतनशील प्रेक्षण, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC) के बीच संवेदी-सूचना एकीकरण, स्मृति समेकन, और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (विजुअल, ऑडिटरी, रीडिंग/राइटिंग, और किनेस्थेटिक) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लर्निंग स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Learning Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों, व्यक्तिगत अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियां (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'पोस्टीरियर पिरिएटल कॉर्टेक्स' (Posterior Parietal Cortex), और 'प्र्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सूचना एकीकरण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और योजना-आधारित मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेming (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाईल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी प्रसंस्करण (Multi-sensory Processing), वैयक्तिकृत अधिगम रणनीतियों व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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