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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियां (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'पोस्टीरियर पिरिएटल कॉर्टेक्स' (Posterior Parietal Cortex), और 'प्र्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सूचना एकीकरण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और योजना-आधारित मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेming (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाईल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी प्रसंस्करण (Multi-sensory Processing), वैयक्तिकृत अधिगम रणनीतियों व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, डेविड कोब का अनुभवात्मक अधिगम चक्र और नील फ्लेमिंग का VARK मॉडल मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों जैसे सेंसरी कॉर्टेक्स (संवेदी इनपुट के लिए), पोस्टीरियर पिरिएटल कॉर्टेक्स (स्थानिक और संवेदी एकीकरण के लिए), और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (योजना और सक्रिय प्रयोग के लिए) के बीच एक मजबूत न्यूरल नेटवर्क स्थापित करते हैं। यह क्रॉस-कॉर्टिकल कनेक्टिविटी बच्चों की व्यक्तिगत अधिगम शैलियों को पहचानकर प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में 'न्यूरो-स्टाईल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के तहत बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों को प्रभावी बनाने में मदद करती है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के 'भाभर' क्षेत्र में नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे बालू के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और धरातल पर प्रकट नहीं होती हैं, जबकि इसके ठीक दक्षिण में स्थित 'तराई' क्षेत्र में ये नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होकर दलदली और नम भूमि का निर्माण करती हैं।
2. बौद्ध धर्म के इतिहास से जुड़े 'सारंगनाथ' (सारनाथ) में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धर्मचक्र प्रवर्तन' कहा गया है, और यहीं से उन्होंने अपने पांच शिष्यों के साथ संघ की स्थापना की थी।
3. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित 'अटाला मस्जिद' का निर्माण शर्की वंश के सुल्तान इब्राहिम शाह शर्की द्वारा करवाया गया था, जो शर्की वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट नमूना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'अनुकूलित अनुक्रिया' (Conditioned Response) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एपिडर्मल एमिग्डाला' (Basolateral Amygdala), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच भय और पुरस्कार आधारित अनुबंधन, सिनैप्टिक दीर्घीकरण (LTP) तथा उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) साहचर्य की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन वॉटसन (John B. Watson) द्वारा प्रतिपादित 'व्यवहारवादी दृष्टिकोण' और 'भावनात्मक अनुबंधन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भय-उन्मुक्ति (Extinction) आधारित शिक्षाशास्त्र और विद्यार्थियों में सकारात्मक भावनात्मक समायोजन, चिंता न्यूनीकरण व अनुकूलित प्रतिक्रियाओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप बदलने पर उसका द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक विकेंद्रीकरण (Decentration) की योग्यता अर्जित कर लेता है और वस्तुओं के वर्गीकरण तथा श्रेणीबद्धता (Seriation) जैसे तार्किक संक्रियाओं को भली-भांति समझने लगता है।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष और उससे आगे) में किशोरों के भीतर अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध कालीन शिक्षण संस्थानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध मठों में शिक्षा की शुरुआत 'प्रवज्या' (Pravrajya) संस्कार के साथ होती थी, जिसके अंतर्गत 8 वर्ष की आयु पूरी होने पर बालक को मठ में प्रवेश दिया जाता था और वह श्रमण (भिक्षु) बनता था, जबकि उच्च शिक्षा पूरी होने पर 'उपनसंपदा' संस्कार संपन्न होता था।
2. विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के राजा कुमारगुप्त प्रथम द्वारा की गई थी, जो वज्रयान बौद्ध धर्म, तांत्रिक शिक्षा और तर्कशास्त्र के अध्ययन के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध था।
3. तक्षशिला विश्वविद्यालय वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी के पास स्थित प्राचीन शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ आयुर्वेद, सैन्य विज्ञान, राजनीति शास्त्र और खगोल विज्ञान की शिक्षा दी जाती थी और यहाँ चाणक्य तथा जीवक जैसे महान विद्वानों ने अध्ययन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रेमंड कैटल (Raymond Cattell) और हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों (जैसे 'Big Five' मॉडल के Extraversion, Neuroticism, Openness आदि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमीगडाला' (Amygdala - भावनात्मक प्रतिक्रिया और न्यूरोटिसिज्म), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी नियंत्रण और सचेतना/Conscientiousness), और 'स्ट्रिएटम' (Striatum - डोपामिनर्जिक मार्ग और बहिर्मुखता/Extraversion) के बीच न्यूरोट्रांसमीटर गतिविधि, सिनेप्टिक घनत्व, और स्थायी behavioral tendencies की सक्रियण गतिकी, तथा गॉर्डन ऑलपोर्ट के 'शील गुण सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूल शिक्षण रणनीतियों, भावनात्मक संतुलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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