बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
Asked 2 months ago · Viewed 15 times
'बुद्धि के संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा 1967 में प्रतिपादित त्रि-आयामी सिद्धांत (3D Model of Intellect) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों—विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। गिलफोर्ड के इस संशोधित और विस्तारित मॉडल में इन तीनों आयामों के अंतर्गत उप-श्रेणियों (Sub-divisions) की कुल संख्या क्रमशः कितनी है, जिसके आधार पर कुल 180 प्रकार की बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के बाल विकास एवं शिक्षण विधि के अंतर्गत, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) का 'बुद्धि का संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गिलफोर्ड के अनुसार बुद्धि तीन आयामों का एक घन (Cube) है। उनके इस मॉडल में: 1. संक्रियाएँ (Operations) के 6 प्रकार (स्मृति अंकन, स्मृति धारण, संज्ञान, अभिसारी चिंतन, अपसारी चिंतन, मूल्यांकन), 2. विषय-वस्तु (Contents) के 5 प्रकार (आकृतिक, प्रतीकात्मक, आनुभविक, सांकेतिक, व्यवहारपरक), और 3. उत्पाद (Products) के 6 प्रकार (इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, पद्धतियाँ, परिवर्तन, निहितार्थ) शामिल हैं। इन तीनों आयामों को गुणा करने पर (5 × 6 × 6) कुल 180 बौद्धिक क्षमताएँ प्राप्त होती हैं (उनके प्रारंभिक मॉडल में 5 × 5 × 6 = 120 थीं, जिसे बाद में संशोधित करके 180 किया गया)। अतः विकल्प (c) पूर्णतः सही है।
अगला प्रश्न →
'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
एक विज्ञान शिक्षक कक्षा में छात्रों की विशिष्ट अवधारणात्मक भ्रांतियों (Misconceptions) को दूर करने और अपनी शिक्षण पद्धति की प्रभावशीलता का तुरंत मूल्यांकन करने के लिए एक चक्रीय प्रक्रिया का उपयोग करता है, जिसमें योजना बनाना, क्रियान्वयन, अवलोकन और विमर्श (Reflection) शामिल हैं। शिक्षण विधियों और शोध के परिप्रेक्ष्य में इस प्रक्रिया का सबसे सटीक तकनीकी स्वरूप क्या है?
→
विद्यालय आधारित समस्याओं के त्वरित समाधान, कक्षा-कक्ष की शिक्षण विधियों में सुधार और शिक्षकों द्वारा स्वयं की कार्यप्रणाली के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का प्रयोग किया जाता है। स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) और अन्य शिक्षाविदों द्वारा प्रतिपादित इस अनुसंधान प्रक्रिया के चरणों का सही और तार्किक वैज्ञानिक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
→
एक विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक कक्षा-कक्ष की विशिष्ट समस्याओं (जैसे छात्रों में गणित के प्रति भय या अनुशासनहीनता) के समाधान के लिए एक ऐसी चक्रीय शोध प्रक्रिया का उपयोग करते हैं जिसमें 'तथ्य संकलन, योजना, क्रियान्वयन, और त्वरित मूल्यांकन' शामिल होता है। इस संपूर्ण प्रक्रिया का केंद्रीय उद्देश्य सामान्य सिद्धांतों का निर्माण करना न होकर तात्कालिक व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना है। शिक्षण विधियों और शोध के संदर्भ में इस पद्धति की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
→
'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा 1904 में प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) तथा 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) के वैज्ञानिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके संज्ञानात्मक कार्यों में अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बुद्धि के पदानुक्रमित सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक फिलिप वर्नोन (Philip Vernon) द्वारा प्रतिपादित मॉडल के अनुसार, मानव बुद्धि को विभिन्न स्तरों पर विभाजित किया गया है। इस पदानुक्रम में 'सामान्य कारक' (g-factor) के ठीक नीचे द्वितीय स्तर पर पाए जाने वाले दो प्रमुख 'मुख्य समूहों' (Major Group Factors) में निम्नलिखित में से किसे सम्मिलित किया जाता है?
→
'बुद्धि के समूह कारक सिद्धांत' (Group Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लुईस थर्स्टन (Louis Leon Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं' (Primary Mental Abilities) के सिद्धांत में कुल कितने स्वतंत्र कारक या मानसिक क्षमताएँ बताई गई हैं, जिन्हें थर्स्टन ने 'फैक्टर विश्लेषण' (Factor Analysis) के माध्यम से पहचाना था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.