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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, यदि किसी एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में सीखने में पूरी तरह से बाधक बनता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो थॉर्नडाइक के इस सिद्धांत और आधुनिक संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य के तहत इस प्रक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या निम्नलिखित में से कौन सी होगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) एक अत्यंत महत्वपूर्ण टॉपिक है। ई. एल. थॉर्नडाइक ने 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) प्रतिपादित किया था, जिसके अनुसार एक परिस्थिति का अधिगम दूसरी परिस्थिति में तभी स्थानांतरित होता है जब दोनों परिस्थितियों में समान तत्व (Elements), आदतें, या प्रक्रियाएं पाई जाती हैं। जब ये समान तत्व या आदतें विपरीत दिशा में कार्य करती हैं और नवीन अधिगम को सुगम बनाने के बजाय कठिन बनाती हैं या उसमें बाधा डालती हैं, तो इसे 'नकारात्मक अधिगम स्थानांतरण' (Negative Transfer of Learning) कहा जाता है। विकल्प (b) इस वैज्ञानिक प्रक्रिया की सबसे सटीक और तार्किक व्याख्या करता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत परियोजनाओं और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र 'नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र' (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है, जिसकी दोनों इकाइयों ने क्रमशः 1991 और 1992 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया था और इसमें दाबयुक्त भारी पानी रिएक्टर (PHWR) का उपयोग किया जाता है।
2. 'अनपरा ताप विद्युत परियोजना' सोनभद्र जिले की रिहन्द जलाशय के पास स्थित है, जो राज्य की सबसे बड़ी और सर्वाधिक विद्युत उत्पादन क्षमता वाली तापीय विद्युत परियोजनाओं में से एक है, तथा इसे कोयला प्राप्ति के नजदीक होने का भौगोलिक लाभ प्राप्त है।
3. उत्तर प्रदेश राज्य में विद्युत नियामक आयोग की स्थापना वर्ष 1998 में की गई थी, जबकि राज्य में विद्युत क्षेत्र के पुनर्गठन और सुधार के लिए 'उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड' (UPPCL) का गठन वर्ष 2000 में किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं प्रशासनिक ढांचे के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का वर्तमान पुनर्गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ था, जब इसके पहाड़ी और उत्तर-पश्चिमी जिलों को अलग करके एक नया राज्य 'उत्तराखंड' (तत्कालीन उत्तरांचल) बनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप इस राज्य से कुल 13 पर्वतीय जिले अलग हुए थे।
2. क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद), और इसकी सीमाएं देश के कुल 8 राज्यों तथा 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) के साथ-साथ एक अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल के साथ भी लगती हैं।
3. उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला 'बलिया' है, जबकि सबसे पश्चिमी जिला 'शामली' है; इसी प्रकार सबसे उत्तरी जिला 'सहारनपुर' और सबसे दक्षिणी जिला 'सोनभद्र' है, जो चार राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार) की सीमाओं को स्पर्श करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण परिदृश्य के संदर्भ में, राज्य का पहला 'हाथी रिजर्व' (Elephant Reserve) निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थापित किया गया था, और इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य किस वन्यजीव गलियारे (Wildlife Corridor) का संरक्षण करना था?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'द्वि-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory) और संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान' के संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'जी-कारक' (General Factor - g) और 'एस-कारक' (Specific Factor - s) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैराइटल मल्टी-डिमांड नेटवर्क' (Fronto-Parietal Multiple-Demand Network) की सामान्य बौद्धिक प्रसंस्करण और विशिष्ट कौशल सक्रियण की गतिकी, तथा रेमंड कैटेल (Raymond Cattell) और जॉन हॉर्न (John Horn) द्वारा प्रतिपादित 'तरल बुद्धि' (Fluid Intelligence - Gf) और 'ठोस बुद्धि' (Crystallized Intelligence - Gc) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अनुकूलित उपागमों और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'लॉरेंस कोहलवर्ग' (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) और इसकी विभिन्न अवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलवर्ग के सिद्धांत के 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के अंतर्गत बालक का नैतिक तर्क मुख्य रूप से बाह्य दंड, पुरस्कार और आज्ञापालन पर आधारित होता है, जिसमें 'सापेक्षवादी उन्मुखीकरण' के तहत बच्चा यह समझता है कि जैसे को तैसा या व्यक्तिगत आवश्यकताएँ ही नियम तय करती हैं।
2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के भीतर 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की उन्मुखीकरण' (Good Boy-Good Girl Orientation) और 'कानून एवं व्यवस्था उन्मुखीकरण' (Law and Order Orientation) आते हैं, जहाँ व्यक्ति समाज की अपेक्षाओं, सामाजिक मानदंडों और नियमों को बनाए रखने को ही सर्वोच्च नैतिकता मानता है।
3. 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) में नैतिकता पूरी तरह से बाहरी कानूनों और सामाजिक दबावों से नियंत्रित होती है, और इस स्तर पर पहुँचने वाला व्यक्ति कभी भी व्यक्तिगत विवेक या सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को कानून से ऊपर नहीं रख सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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