नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) इस सिद्धांत का सर्वोच्च स्तर है। इसके अंतर्गत दो चरण आते हैं: 1. सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights): इस चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के द्वारा आपसी समझौते से बनाए गए हैं, और यदि कोई नियम मानवाधिकारों या समाज के बड़े कल्याण के खिलाफ है, तो उसे बदला जा सकता है। 2. सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles): इस अंतिम चरण में व्यक्ति अपने स्वयं के अंतःकरण के आंतरिक और सार्वभौमिक न्याय, मानवाधिकारों और समानता के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। इस स्थिति में व्यक्ति समाज के उन कानूनों का भी विरोध कर सकता है जो अन्यायपूर्ण हैं (जैसे महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का दृष्टिकोण)। अतः विकल्प (c) इस संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के अंतिम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस चरण की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाली 'सार्वजनिक नीति एवं विवेक की अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की सबसे अनूठी और मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता (Post-Conventional Morality) के दूसरे स्तर यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा का अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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'नैतिक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, लॉरेन्स कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के तीन स्तरों और उनके छह चरणों के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के दो महत्वपूर्ण चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा कैरोल गिलीगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की की गई आलोचना (जिसमें उन्होंने 'देखभाल की नैतिकता' या 'इथिक्स ऑफ केयर' का प्रतिपादन किया) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'समाजीकरण की प्रक्रिया' (Process of Socialization) और 'बाल विकास' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level), 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level), और 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) के कुल छह चरणों के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा कैरल गिलियन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की गई आलोचना, जो 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) और लिंग-आधारित नैतिक दृष्टिकोण पर आधारित है, के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण—जिसे 'सामाजिक व्यवस्था और अधिकार संरक्षण अभिमुखीकरण' (Social System and Conscience Orientation या Stage 4) कहा जाता है—की सबसे सटीक एवं केंद्रीय विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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'लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, कोहलबर्ग द्वारा बताए गए तीन स्तरों और उनके अंतर्गत छह चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जो 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) के स्तर के अंतर्गत आता है, जिसमें व्यक्ति कानून और सामाजिक व्यवस्था से ऊपर उठकर अपने स्वयं के विवेक, सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों और मानवीय अधिकारों (जैसे न्याय, समानता और आपसी सम्मान) के आधार पर सही या गलत का निर्णय करता है, भले ही वे नियम समाज या कानून के विपरीत क्यों न हों?
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