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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित मॉडल के अंतर्गत बौद्धिक योग्यताओं के तीन आयामों—'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषय-वस्तु' (Contents), और 'उत्पाद' (Products)—के वैज्ञानिक वर्गीकरण और उनके कुल स्वतंत्र कारकों की संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) का 'बुद्धि का त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model - SOI) अत्यंत महत्वपूर्ण है। गिलफोर्ड के अनुसार बुद्धि तीन स्वतंत्र आयामों का एक त्रि-विमीय मैट्रिक्स (3D Grid) है: 1. संक्रियाएँ (Operations - 5 प्रकार: संज्ञान, स्मृति अभिलेखन, स्मृति धारण, अभिसारी चिंतन, और अपसारी चिंतन), 2. विषय-वस्तु (Contents - 4 या 5 प्रकार: दृश्य, श्रव्य, प्रतीकात्मक, आत्मकेंद्रित/व्यवहारिक), और 3. उत्पाद (Products - 6 प्रकार: इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, पद्धतियाँ, रूपांतरण, और निहितार्थ)। मूल रूप से इनके गुणन (5 × 4 × 6) से 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारक बने, जिन्हें बाद में संशोधनों के पश्चात 150 और अंततः 180 कर दिया गया। अतः विकल्प (a) इस वैज्ञानिक संकल्पना का सबसे सटीक और सत्य वर्णन करता है।
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