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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया' (Process of Socialization) और 'बाल विकास' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level), 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level), और 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) के कुल छह चरणों के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा कैरल गिलियन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की गई आलोचना, जो 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) और लिंग-आधारित नैतिक दृष्टिकोण पर आधारित है, के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास का संज्ञानात्मक-विकासवादी सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसमें उन्होंने तीन स्तरों और छह चरणों को माया। उनके अनुसार, उच्चतम स्तर (उत्तर-पारंपरिक स्तर) पर व्यक्ति सामाजिक अनुबंध और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के आधार पर कार्य करता है। दूसरी ओर, उनकी ही शिष्या और मनोवैज्ञानिक कैरल गिलियन ने 'इन अ डिफरेंट वॉइस' (In a Different Voice) पुस्तक में कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का अध्ययन मुख्य रूप से पुरुषों पर आधारित था, जिससे न्याय उन्मुख (Justice-oriented) दृष्टिकोण को प्राथमिकता मिली, जबकि महिलाओं में नैतिक निर्णय 'देखभाल, सहानुभूति और अंतःवैयक्तिक संबंधों' (Ethics of Care) के संदर्भ में अधिक विकसित होते हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश की भूगोल एवं पर्यावरण' के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले 'उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन' (Tropical Deciduous Forests) और 'कंटीली झाड़ियों एवं शुष्क वन क्षेत्रों' (Thorn Forests and Scrublands) के पारिस्थितिकीय वितरण, प्रमुख वृक्ष प्रजातियों (जैसे साल, सागौन, महुआ, शीशम, और बबूल), तथा उत्तर प्रदेश के तराई, भाबर और दक्षिण के पठारी क्षेत्रों में जलवायु और मृदा के अंतर्संबंधों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी मिट्टी की प्रधानता वाली होती हैं, जो अत्यधिक जल ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मिलने वाली 'धूर' या 'बलुई-दोमट' मृदा कृषि के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त होती है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा शून्य होती है।
3. उत्तर प्रदेश में कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Zones) हैं, जो राज्य की विविध भौगोलिक और climatic परिस्थितियों को दर्शाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के मानवतावादी सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिगोवर्टिकल लिम्बिक सिस्टम' (Ventromedial Prefrontal Cortex और Amygdala) तथा 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच होमियोस्टैटिक नियमन, आंतरिक प्रेरणा, और स्व-वास्तविकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डीसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता, और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, छात्र-केंद्रित और अनुभवात्मक शिक्षाशास्त्र (Humanistic-Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र व्यक्तिगत विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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