लेव वाइगोत्स्की
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'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान या पाड़' (Scaffolding), और 'संसक्तात्मक मध्यस्थता' (Cultural Mediation) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत 'अवलोकनारात्मक अधिगम' (Observational Learning) के चार प्रमुख घटकों—'अवधारण' (Attention), 'स्मरण' (Retention), 'पुनरुत्पादन' (Reproduction), और 'अभिप्रेरणा' (Motivation)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जहाँ 'मचान' (Scaffolding) MKO द्वारा दी जाने वाली अस्थायी सहायता है। दूसरी ओर, अल्बर्ट बंडूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत (या सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत) के अनुसार, व्यक्ति दूसरों के व्यवहार का अवलोकन करके (मॉडेलिंग) सीख सकता है, जिसमें ध्यान, स्मरण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरणा की प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं तथा यह प्रत्यक्ष पुनर्बलन के बिना भी संज्ञानात्मक मध्यस्थता से संभव है।
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अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-प्रभावकारिता या सेल्फ-एफिकेसी' (Self-Efficacy)—जिसे उस व्यक्ति की अपने स्वयं की क्षमताओं, कौशल और निर्णय लेने की शक्ति पर उस आंतरिक विश्वास और धारणा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो यह निर्धारित करती है कि वह किसी विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सफलता प्राप्त करने के लिए किस प्रकार अपने कार्यों और व्यवहार को नियोजित और निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, दृढ़ता (Perseverance) और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक संज्ञानात्मक अधिगम सिद्धांत' (Social Cognitive Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्व-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति यह आकलन करता है कि वह किसी विशिष्ट परिस्थिति में अपेक्षित परिणामों को प्राप्त करने के लिए अपने व्यवहार और क्रियाओं को सफलतापूर्वक निष्पादित करने में कितना सक्षम है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा नियमन (Motivation Regulation), शैक्षणिक दृढ़ता (Academic Resilience) और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory / Social Cognitive Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) की प्रक्रिया में निहित चार अंतर्संबंधित उप-प्रक्रियाओं—अवधान (Attention), धारणा (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction), और अभिप्रेरण (Motivation)—का तार्किक और अनुक्रमिक मनोवैज्ञानिक क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और उससे जुड़ी प्रमुख प्रक्रियाओं तथा 'ऑब्जर्वेशनल लर्निंग' (Observational Learning) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंडूरा के अनुसार प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया में चार अंतर्संबंधित उप-प्रक्रियाएं या चरण शामिल होते हैं, जो क्रमानुसार इस प्रकार हैं: ध्यान देना (Attention), स्मरण रखना या धारण करना (Retention), मोटर पुनरुत्पादन (Motor Reproduction), और अभिप्रेरणा या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
2. बंडूरा ने अपने सुप्रसिद्ध 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) के माध्यम से यह सिद्ध किया कि बालकों का आक्रामक व्यवहार केवल प्रत्यक्ष दंड या पुरस्कार (प्रत्यक्ष पुनर्बलन) पर निर्भर करता है, और वे वयस्कों या मॉडलों के आक्रामकता को केवल देखकर स्वतः अनुकरण करने में असमर्थ होते हैं।
3. 'पारस्परिक determinism' (Reciprocal Determinism) की अवधारणा के अनुसार मानव का विकास और व्यवहार त्रिपक्षी अंतःक्रिया (Triadic Reciprocal Causation) का परिणाम होता है, जिसमें व्यक्तिगत कारक (संज्ञानात्मक, जैविक), व्यवहार (Behavior), और पर्यावरण (Environment) परस्पर एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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'अधिगम के रचनावादी और सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्दपातन या मचान निर्माण' (Scaffolding) की न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'भाषा केंद्रों' के सहयोगात्मक सक्रियण, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के प्रारूपों' (Modes of Representation - क्रियात्मक, प्रतीकात्मक और संकेतात्मक) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'सहयोगी अधिगम' (Cooperative Learning) के अनुप्रयोग और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशलों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक और निर्मितिवादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एक्सेक्यूटीव नेटवर्क' (Executive Network) और 'लैंग्वेज नेटवर्क' की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणा के अंतर्गत 'अस्थायी सहायता और क्रमिक विलोपन' (Fading) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़ बाँधना' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा इसमें दिए गए योगदान, भाषा और चिंतन के विकास में 'आंतरिक वाक' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक' (Social Speech) के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Learning) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पास्काफोल्डिंग' (Scaffolding) की अवधारणा के वैज्ञानिक स्वरूप एवं इसके शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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