लेव वाइगोत्स्की
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'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत वर्णित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की संकल्पनाओं के न्यूरो-संज्ञानात्मक और सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation) स्वरूप, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'रचनावादी अधिगम सिद्धांत' (Constructivist Learning Theory) और 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में स्वेच्छा-संचालित संज्ञान (Self-Regulated Cognition) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच की दूरी है, जिसे 'मचान' (Scaffolding) यानी कुशल वयस्क या साथी (MKO) के मार्गदर्शन से पूरा किया जाता है। दूसरी ओर, जेरोम ब्रूनर का 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) यह सिखाता है कि किसी भी विषय को बच्चों के संज्ञानात्मक स्तर के अनुकूल सरल रूप में शुरू करके बार-बार अधिक जटिल और गहरे रूपों में (पुनरावृत्ति के साथ) पढ़ाया जाना चाहिए। आधुनिक समावेशी और बाल-केंद्रित शिक्षा में ये दोनों सिद्धांत मिलकर सहयोगात्मक अधिगम, मचान आधारित शिक्षण और शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी को सुदृढ़ बनाते हैं। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन/मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के स्वरूप'—जिसमें उन्होंने 'क्रियात्मक प्रतिनिधित्व' (Enactive Representation), 'प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व' (Iconic Representation), और 'प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व' (Symbolic Representation) को समझाया है—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़ बाँधना' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा इसमें दिए गए योगदान, भाषा और चिंतन के विकास में 'आंतरिक वाक' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक' (Social Speech) के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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