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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के संज्ञानात्मक और मनोसामाजिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तरापंर पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) की 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) अवस्थाओं के न्यूरो-नैतिक स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के अंतर्गत 'स्वयं केंद्रित से दूसरों की जिम्मेदारी और अंततः आत्म-व अन्य के बीच संतुलन' के चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) आधारित चर्चाओं और विद्यार्थियों में न्याय और परोपकारिता आधारित मूल्यों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग ने नैतिक विकास के अपने सिद्धांत में न्याय (Justice) और अधिकारों पर विशेष जोर दिया, विशेषकर उत्तर-पारंपरिक स्तर पर। इसके विपरीत, उनकी सहकर्मी कैरल गिलिगन ने पारंपरिक न्याय-दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) का प्रतिपादन किया, जो संबंध, करुणा, सहानुभूति और अन्य लोगों की देखभाल पर आधारित है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में बच्चों के सर्वांगीण नैतिक और सामाजिक विकास के लिए न्याय और देखभाल दोनों दृष्टिकोन महत्वपूर्ण हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences in Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) द्वारा प्रतिपादित 'बौद्धिक भिन्नता और मानसिक आयु' की अवधारणा के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स' (यथा- आर्कुएट फेसिकुलस और कॉर्pus कैलोसम), 'कॉर्टिकल थिकनेस' (Cortical Thickness), और 'हेमिस्फेरिक लेटरलाइजेशन' (Hemispheric Lateralization) के बीच सूचना प्रसंस्करण गति (Information Processing Speed), तंत्रिका नेटवर्क दक्षता (Neural Network Efficiency), और संज्ञानात्मक अनुकूलनशीलता की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' (Psychological Types: बहिर्मुखता और अंतर्मुखता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिफरेंटिऐटेड ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Differentiated Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत शिक्षण गतिकी, अनुकूलित शिक्षण रणनीतियों व समग्र संज्ञानात्मक समरूपता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा इसकी प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है, और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है। 2. उत्तर प्रदेश की सीमाएं कुल 8 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) से लगती हैं, तथा इसका सबसे पूर्वी जिला बलिया और सबसे पश्चिमी जिला शामली है। 3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के कुल 8 जिले शामिल हैं (मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली), और सहारनपुर जिला उत्तर प्रदेश का सबसे उत्तरी जिला है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, खनिज संसाधनों और औद्योगिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड और सोनभद्र क्षेत्र) में राज्य के अधिकांश खनिज जैसे कोयला, चूना पत्थर, डायस्पोर, और नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले पाए जाते हैं, क्योंकि यहाँ की चट्टानें प्राचीन गोंडवाना और विंध्ययन क्रम की हैं। 2. मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में प्रचुर मात्रा में मिलने वाले चूना पत्थर का उपयोग मुख्य रूप से सीमेंट उद्योग (जैसे चुर्क, डाला और चील्ह) में किया जाता है, जबकि सोनभद्र के गुरमा और कचनार क्षेत्र सोन नदी घाटी में डोलोमाइट के लिए प्रसिद्ध हैं। 3. उत्तर प्रदेश सरकार की खनिज नीति के अनुसार, मिर्जापुर, सोनभद्र, बांदा और ललितपुर जिलों को 'आधिकारिक खनिज बहुल जिले' (Mineral-rich Districts) घोषित किया गया है, जहाँ खनिज अन्वेषण और रॉयल्टी संग्रह से राज्य के राजस्व में वृद्धि होती है। 4. ललितपुर जिला उत्तर प्रदेश में तांबा, यूरेनियम, रॉक फॉस्फेट और प्लैटिनम जैसे दुर्लभ खनिजों के प्रमुख भंडार के रूप में जाना जाता है, जहाँ यूरेनियम के सीमित भंडार के अन्वेषण का कार्य किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा का अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की सबसे विशिष्ट एवं वैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है? बाल विकास के दौरान 'मस्तिष्क से नीचे की ओर' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट से दूर की ओर' (Proximodistal Trend) के विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिर से पैर की ओर का विकास नियम यह बताता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के ऊपरी हिस्से (यानी सिर और मस्तिष्क) से शुरू होकर नीचे की ओर (पैरों की तरफ) बढ़ता है, जिसके कारण शिशु चलने से पहले अपने सिर और गर्दन पर नियंत्रण स्थापित करना सीखता है। 2. निकट से दूर का विकास नियम यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास हमेशा शरीर के केंद्रीय अक्ष (Center of the body) से शुरू होकर परिधि (Periphery) की ओर यानी बाहर की तरफ अग्रसर होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी और कंधों का विकास उंगलियों की सूक्ष्म पेशियों से पहले होता है। 3. ये दोनों विकासात्मक प्रवृत्तियाँ केवल शारीरिक और गत्यात्मक (Physical and Motor Development) परिवर्तनों तक ही सीमित हैं, और इनका बालकों के संज्ञानात्मक, भाषा या सामाजिक विकास की गतियों से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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