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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और भाषा अर्जन के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की वाक्य रचना (Syntax) और शब्दार्थ (Semantics) के प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी भाषण' (Private Speech) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के विकास के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सामाजिक-सांस्कृतिक अंतःक्रिया और विद्यार्थियों में भाषा दक्षता व संज्ञानात्मक स्व-नियमन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

नोम चोमस्की के अनुसार बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (LAD) कहा जाता है। न्यूरोलॉजिकल दृष्टिकोण से, भाषा उत्पादन के लिए 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's area) और भाषा की समझ के लिए 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's area) बाएं गोलार्ध में मुख्य भूमिका निभाते हैं। दूसरी ओर, लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'निजी भाषण' (Private Speech) बच्चों को अपने व्यवहार को नियंत्रित करने और उसे 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) में बदलने में मदद करता है। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में इन दोनों सिद्धांतों का समन्वय भाषा दक्षता और संज्ञानात्मक स्व-नियमन को बढ़ावा देता है।
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