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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम में व्यक्तिगत भिन्नता (Individual Differences in Learning) और आनुवंशिक-पारिस्थितिक अंतःक्रिया' के संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) द्वारा प्रतिपादित 'मानव संकाय की आनुवंशिकता' (Hereditary Genius) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'कार्पस कैलोसम' (Corpus Callosum), 'सेरेब्रल कॉर्टेक्स' और 'ग्लायल कोशिकाओं' (Glial Cells) के बीच सूचना संचरण गति, हेमिसफेरिक एकीकरण (Hemispheric Integration) और न्यूरोप्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड रीस (David Reiss) और रॉबर्ट प्लॉमिन (Robert Plomin) द्वारा प्रतिपादित 'जीन-वातावरण सह-संबंध और अंतःक्रिया' (Gene-Environment Correlation and Interaction - rGE & GxE) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यक्तिगत शिक्षण योजनाओं (IEP) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विविधता व अधिकतम शैक्षिक निष्पादन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न UPTET के पाठ्यक्रम में 'वैयक्तिक भिन्नता (Individual Differences)' और 'आनुवंशिकता एवं वातावरण के प्रभाव' के उन्नत न्यूरो-संज्ञानात्मक और मनोवैज्ञानिक आयाम पर आधारित है। विकल्प (c) पूर्णतः सत्य है क्योंकि मस्तिष्क में कार्पस कैलोसम के माध्यम से गोलार्द्धों का एकीकरण तथा डेविड प्लॉमिन और रीस द्वारा प्रतिपादित 'जीन-वातावरण अंतःक्रिया' (GxE) यह दर्शाती है कि बच्चों की जन्मजात क्षमताएं और उनका परिवेशीय अनुभव मिलकर उनकी अधिगम शैलियों और योग्यताओं को निर्धारित करते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और सार्वभौमिक शिक्षण रणनीतियाँ इन्हीं व्यक्तिगत भिन्नताओं का वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक समर्थन करती हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, यदि किसी एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में सीखने में पूरी तरह से बाधक बनता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो थॉर्नडाइक के इस सिद्धांत और आधुनिक संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य के तहत इस प्रक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या निम्नलिखित में से कौन सी होगी?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में 'ऊर्जा के पिरामिड' (Pyramid of Energy) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि पारिस्थितिकी तंत्र में एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा के स्थानांतरण के दौरान 'लिंड़ेमैन का 10 प्रतिशत नियम' (Lindeman's 10% Law) लागू होता है, जिसके अनुसार प्रत्येक अगले स्तर पर केवल 10% ऊर्जा ही संचित हो पाती है और शेष 90% ऊर्जा श्वसन, ताप और चयापचय क्रियाओं में हास (Loss) हो जाती है।
2. जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) में बायोमास का पिरामिड अक्सर उल्टा (Inverted) बनता है, लेकिन उसी जलीय तंत्र में ऊर्जा का पिरामिड फिर भी सदैव सीधा ही रहता है क्योंकि ऊर्जा का क्षسय प्रत्येक चरण में अपरिहार्य है।
3. ऊर्जा के पिरामिड में उत्पादक (Producers) हमेशा शीर्ष पर और सर्वोच्च मांसाहारी (Top Carnivores) हमेशा आधार (Base) पर स्थित होते हैं, क्योंकि ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत सूर्य का प्रकाश सीधे सर्वोच्च उपभोक्ताओं द्वारा अवशोषित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, अपवाह तंत्र और जलवायुिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग मुख्यतः गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) से निर्मित है, जिसे स्थानीय स्तर पर दो भागों - 'बांगर' (पुरानी जलोढ़ मृदा) और 'खदर' (नई जलोढ़ मृदा) में विभाजित किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश में दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जहाँ मृदा की प्रकृति मुख्य रूप से लाल, करेल, मार और काबर प्रकार की होती है, जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है तथा यहाँ सिंचाई के लिए मुख्य रूप से नलकूपों पर निर्भरता है।
3. राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र में चलने वाली गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहा जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) से होने वाली कुल वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग बंगाल की खाड़ी की शाखा से प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का प्रथम वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है, तथा इसकी स्थापना वर्ष 1957 में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए की गई थी।
2. 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था, और यह बाघों (Tigers) तथा एक-सींग वाले गैंडों के पुनर्वास के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3. उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है, जबकि राज्य का सबसे छोटा पक्षी विहार 'पटना पक्षी विहार' एटा जिले में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांत के निम्नलिखित प्रमुख घटकों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, भाषा बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण (Tool) है, और प्रारंभिक अवस्था में बच्चों की 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) और 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) उनके विचारों को निर्देशित करने तथा स्व-नियमन (Self-regulation) में सहायता करती है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त कर सकता है।
3. 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणा का तात्पर्य स्थायी रूप से बच्चे को हर चरण पर जीवनभर दी जाने वाली वित्तीय और मानसिक सहायता से है, ताकि वह बिना किसी शिक्षक की मदद के जटिल समस्याओं को स्वयं हमेशा के लिए हल कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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