समावेशी शिक्षा
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'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Inclusive Education and Children with Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय सिद्धांत (Ecological Systems Theory) का विशेष शिक्षा में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (Superior Temporal Sulcus - STS) के बीच सामाजिक संज्ञान, पर्यावरणीय अनुकूलन और न्यूरोडाइवर्सिटी (Neurodiversity) प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) का न्यूरो-कोग्निटिव माइंडब्लाइंडनेस मॉडल (Mindblindness Model - Theory of Mind)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL: Universal Design for Learning) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक सहभागिता व सर्वांगीण समावेशन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न UPTET के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ' के अंतर्गत न्यूरो-संज्ञानात्मक और पारिस्थितिकीय सिद्धांतों के उच्च-स्तरीय अनुप्रयोग पर आधारित है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) में 'माइंडब्लाइंडनेस' या 'थ्योरी ऑफ माइंड' (Theory of Mind) की कमी मुख्य रूप से मस्तिष्क के सामाजिक संज्ञान से जुड़े क्षेत्रों (जैसे सुपीरियर टेम्पोरल सल्रस और इंसुला) की कार्यप्रणाली से जुड़ी होती है। निकोलस हॉब्स का पारिस्थितिकीय मॉडल और उता फ्रिथ का माइंडब्लाइंडनेस मॉडल मिलकर यह समझाते हैं कि कैसे एक समावेशी कक्षा-कक्ष में सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग (UDL) और उचित पर्यावरणीय समर्थन के माध्यम से इन विद्यार्थियों के सामाजिक-संवेगात्मक और संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। अतः विकल्प (A) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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