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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास और थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत' के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रेल स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'न्यूक्लियस एकुम्बेंस' (Nucleus Accumbens) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच डोपापिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), साहचर्य मार्ग (Associative Pathway) और सिनैप्टिक स्ट्रेंथनिंग (Synaptic Strengthening) की सक्रियण गतिकी, तथा इवान पावलोव (Ivan Pavlov) द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुदृढ़ीकरण आधारित शिक्षाशास्त्र (Reinforcement-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक संयोजन, आदतन निर्माण और स्व-नियमित प्रतिक्रियाओं के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड थार्नडाइक का 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) यह बताता है कि जिन प्रतिक्रियाओं के बाद संतोषजनक परिणाम (Reward) मिलते हैं, वे मस्तिष्क में अधिक मजबूत हो जाती हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह प्रक्रिया मस्तिष्क के डोपामिनर्जिक रिवॉर्ड पाथवे (विशेषकर न्यूक्लियस एकुम्बेंस और वेंट्रेल स्ट्रेटम) और ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स के बीच की अंतःक्रिया पर आधारित होती है, जो सिनैप्टिक स्ट्रेंथनिंग को बढ़ावा देती है। जब इसे इवान पावलोव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) के साथ जोड़ा जाता है, तो यह शिक्षकों को आधुनिक समावेशी कक्षाओं में सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) आधारित शिक्षाशास्त्र लागू करने में मदद करता है, जिससे विद्यार्थियों में उचित आदतें, प्रेरणा और स्व-नियमित प्रतिक्रियाओं का विकास होता है। अतः विकल्प 'b' पूर्णतः सत्य और उपयुक्त है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, अक्षांश-देशांतर स्थिति और सीमावर्ती जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य का अक्षांश विस्तार 23°52' उत्तरी अक्षांश से 30°24' उत्तरी अक्षांश तक तथा देशांतर विस्तार 77°05' पूर्वी देशांतर से 84°38' पूर्वी देशांतर के मध्य है।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला 'बलिया' है, जो बिहार राज्य के साथ अपनी सीमा साझा करता है, जबकि सबसे पश्चिमी जिला 'शामली' है जो हरियाणा राज्य को स्पर्श करता है।
3. उत्तर प्रदेश के साथ सबसे कम सीमा रेखा साझा करने वाला राज्य 'झारखंड' है (जो केवल सोनभद्र जिले को स्पर्श करता है), जबकि सर्वाधिक जिलों (7 जिलों) को स्पर्श करने वाला एकमात्र जिला 'लखीमपुर खीरी' है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) की प्रमुख अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक सामाजिक रूप से मध्यस्थता वाली प्रक्रिया है, जिसमें संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) बालकों के मानसिक विकास में केंद्रीय भूमिका निभाती है, और भाषा केवल संवाद का साधन नहीं बल्कि चिंतन को आकार देने का मुख्य उपकरण है।
2. समीपस्थ विकास का क्षेत्र (Zone of Proximal Development - ZPD) वास्तविक विकास स्तर (स्वयं समस्या हल करने की क्षमता) और संभावित विकास स्तर (वयस्क या अधिक कुशल साथी के मार्गदर्शन में समस्या हल करने की क्षमता) के बीच का अंतर है।
3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) एक ऐसी शिक्षण तकनीक है जिसमें शिक्षक या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा बालक को शुरुआती सहायता या निर्देश दिए जाते हैं, जिसे बालक की स्वतंत्रता बढ़ने पर धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया' के संदर्भ में, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत, कोहलर के चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों में उस निर्णायक मानसिक मोड़ को क्या कहा जाता है जहाँ समस्या के बिखरे हुए तत्व अचानक एक सुव्यवस्थित समग्र (Gestalt) रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं और अचानक समाधान प्रकट होता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'वर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) के बीच भाषा-मध्यस्थता कार्यकारी नियंत्रण, आंतरिक वाक् (Inner Speech) और सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता वाले न्यूरोनल नेटवर्क की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) की 'चान्स्कैफल्डिंग' अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोसियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-SocioCognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, भाषाई स्फुरण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के तुलनात्मक अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके सक्रिय अन्वेषक (Little Scientist) के रूप में करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास सामाजिक और सांस्कृतिक अंतःक्रियाओं (Social Interaction) तथा भाषा के माध्यम से सहयोगात्मक रूप से होता है।
2. पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को बालक की अपरिपक्वता का प्रतीक माना है, जो धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है; इसके विपरीत वाइगोत्स्की ने इसे 'निजी वाक्' (Private Speech) के रूप में परिभाषित करते हुए यह माना कि यह बालक के स्व-नियमन (Self-Regulation) और चिंतन को दिशा देने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
3. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक केवल स्वतंत्र रूप से बिना किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) की सहायता के प्राप्त कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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