त्वरित लिंक्स
UPTET
2 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect), 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) और 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) और 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), आदत निर्माण (Habit Formation) और पुनर्बलन (Reinforcement) की सक्रियण गतिकी, तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, प्रबलन-आधारित शिक्षाशास्त्र (Reinforcement-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में त्रुटि-मुक्त अधिगम, व्यावहारिक अनुकूलन व संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड थार्नडाइक का 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) यह बताता है कि जिन प्रतिक्रियाओं के बाद संतोषजनक परिणाम (सुखद अनुभूति) मिलती है, वे तंत्रिका पथों (Neural Pathways) के माध्यम से अधिक दृढ़ हो जाती हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक रूप से, यह प्रक्रिया मस्तिष्क के 'बेसल गैन्ग्लिया' (जो आदत निर्माण से जुड़ा है) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच डोपामिनर्जिक संकेतों के माध्यम से संचालित होती है, जो सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity) को बढ़ावा देती है। यह आधुनिक समावेशी कक्षाओं में सकारात्मक पुनर्बलन और प्रभावी अधिगम का आधार बनती है।
Related Questions
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) निम्नलिखित में से किसकी व्याख्या करता है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा 1967 में प्रतिपादित त्रि-आयामी सिद्धांत (3D Model of Intellect) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को तीन स्वतंत्र आयामों—विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products)—में वर्गीकृत किया गया है। गिलफोर्ड के इस संशोधित और विस्तारित मॉडल में इन तीनों आयामों के अंतर्गत उप-श्रेणियों (Sub-divisions) की कुल संख्या क्रमशः कितनी है, जिसके आधार पर कुल 180 प्रकार की बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण होता है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-तंत्रीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'घटकिया, अनुभवात्मक और संदर्भगत बुद्धि' (Analytic, Creative and Practical Intelligence) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल और टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टिकल नेटवर्क्स' (Prefrontal and Temporo-Parietal Networks - विश्लेषणात्मक और तार्किक प्रसंस्करण), 'डिफ़ॉल्ट मोड और सेलिएंस नेटवर्क्स' (Default Mode and Salience Networks - नवीन परिस्थितियों में अनुभवात्मक व सृजनात्मक सूझ), तथा 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल और मोटर क्षेत्रों' (VM-PFC and Motor Areas - व्यावहारिक बुद्धि, पर्यावरण अनुकूलन और सामाजिक संवेदनशीलता) के बीच न्यूरोनल सिंक और एडाप्टिव कॉर्टिकल कनेक्टिविटी की सक्रियण गतिकी, तथा गार्डनर के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' के साथ उनके अंतर्संबंधों तथा आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टर्नबर्ग ऑप्टिमाइज्ड ट्राई-डाइमेंशनल पेडागोजी' (Neuro-Sternberg Optimized Tri-Dimensional Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक दक्षता, व्यावहारिक अनुकूलन क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बुद्धिमत्ता के 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का प्रतिपादन किसने किया था, जिसके अनुसार बुद्धि को तीन आयामों - संक्रिया (Operations), विषय-वस्तु (Contents) और उत्पाद (Products) में वर्गीकृत किया गया है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के वक्र' (Curves of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहौस और लुईस थर्स्टेन द्वारा विश्लेषित 'अधिगम वक्र के विभिन्न प्रकारों' (उन्नतदर, मंददर, एस-आकार और मिश्रित वक्र) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच मोटर और संज्ञानात्मक कौशल समेकन, सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), और फीडबैक-संचालित न्यूरल रीमैपिंग की सक्रियण गतिकी, तथा पावल और स्किनर के शास्त्रीय एवं क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लर्निंग कर्व ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Learning Curve Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में प्रगति निगरानी, अधिगम अंतराल विश्लेषण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.