BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जिलफोर्ड और टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के घटकों' (मौलिकता, प्रवाह, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'कंट्रोल नेटवर्क' (Central Executive Network) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network) के बीच लचीले विचार स्विचिंग, नवीन साहचर्य और अमूर्त कल्पना की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रकटीकरण और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) और खोजपूर्ण शिक्षाशास्त्र (Exploratory Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र सृजनात्मक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न सृजनात्मकता और अपसारी चिंतन के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों और ग्राहम वालेस के चरणों के बीच के अंतर्संबंधों का गहराई से विश्लेषण करता है। विकल्प (b) पूर्णतः सत्य है क्योंकि आधुनिक न्यूरो-इमेजिंग अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि सृजनात्मक चिंतन (Divergent Thinking) के समय मस्तिष्क का डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क (कल्पना और मौलिक विचारों के लिए) और केंद्रीय कार्यकारी नेटवर्क (विचारों के मूल्यांकन और सत्यापन के लिए) सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हैं, जो वालेस के 'उद्द्भवन' और 'सत्यापन' चरणों के अनुकूल है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं किशोरावस्था की मनोवैज्ञानिक विशेषताओं' के संदर्भ में, स्टेनली हॉल (G. Stanley Hall) द्वारा प्रतिपादित 'तूफानी और तनाव का सिद्धांत' (Storm and Stress Theory) के अंतर्गत किशोरावस्था के न्यूरो-जैविक परिवर्तनों और मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) तथा परिपक्व हो रहे 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच असंतुलन के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले संवेगात्मक ज्वार-भाटे, तथा एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित 'मनosocial विकास सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत पाँचवें चरण 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, किशोरावस्था के तनाव प्रबंधन और विद्यार्थियों में सकारात्मक आत्म-अवधारणा (Self-Concept) व स्वायत्त पहचान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और नदी प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं मूलतः काली मिट्टी के समान होती हैं जो नमी बनाए रखती हैं। 2. उत्तर प्रदेश के भावर और तराई क्षेत्रों में नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत का जमाव करके उपजाऊ भूभाग का निर्माण करती हैं, जहाँ तराई क्षेत्र में महीन जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। 3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा और गोमती सभी हिमालयी नदियाँ हैं जो सदाबहार रूप से बहती हैं और इनमें कभी भी ग्रीष्मकाल में जलस्तर में कमी नहीं आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'जैव विविधता और संरक्षण' के संदर्भ में, भारत सरकार द्वारा स्थापित 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) का गठन किस वर्ष और किस मुख्य अधिनियम के अंतर्गत किया गया था, तथा यह प्राधिकरण उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड (UPSBB) और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) के साथ मिलकर पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, जैव संसाधनों के न्यायसंगत लाभ-साझाकरण (Access and Benefit Sharing - ABS), और 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' के प्रभावी क्रियान्वयन में किस प्रकार की विधिक, प्रशासनिक और पारिस्थितिकीय भूमिका निभाता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia - पठन और वाचन अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'वेंट्रल ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Ventral Occipito-Temporal Cortex - जिसमें 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' या VWFA शामिल है), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - वर्निकी क्षेत्र से संबंधित), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच दृश्य-ऑर्थोग्राफिक प्रसंस्करण (Visual-Orthographic Processing), फोनोलॉजिकल डिकोडिंग (Phonological Decoding), और अक्षरों-ध्वनियों के एकीकरण की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग डिसेबिलिटी' प्रत्यय और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्लेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी वाचन रणनीतियों (Multisensory Phonics-based Instruction), ध्वन्यात्मक जागरूकता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. पी. टोरेंस (E.P. Torrance) द्वारा विकसित 'टोरेंस टेस्ट्स ऑफ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के मौखिक (Verbal) और क्रियात्मक (Figural) परीक्षणों में सृजनात्मकता के मुख्य घटकों का मूल्यांकन किया जाता है। टोरेंस के अनुसार, किसी समस्या के समाधान के लिए एक ही श्रेणी या क्षेत्र के भीतर विभिन्न प्रकार के अनेक उत्तर देने की क्षमता सृजनात्मकता के किस विशिष्ट घटक को प्रदर्शित करती है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.