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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'स्कीमा (Schema), आत्मसातीकरण (Assimilation), समायोजन (Accommodation) और साम्यधारण (Equilibration)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'इन्फीरियर पैरिएटल लोब' (IPL) के बीच सिनैप्टिक प्रूनिंग (Synaptic Pruning), न्यूरल नेटवर्किंग रीऑर्गेनाइजेशन और संज्ञानात्मक संघर्ष (Cognitive Conflict) समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा लेव विगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खोजबीन आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Constructivist Inquiry Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक संरचनाओं के विकास, अमूर्त चिंतन व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बालक अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके ज्ञान का निर्माण करता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब बालक को नए अनुभव मिलते हैं, तो मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (कार्यकारी कार्य और तर्क के लिए) और 'हिप्पोकैम्पस' (स्मृति एकीकरण के लिए) के बीच 'संज्ञानात्मक संघर्ष' (Cognitive Dissonance) उत्पन्न होता है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए बालक या तो मौजूदा स्कीमा में जानकारी जोड़ता है ('आत्मसातीकरण' - Assimilation) या नए अनुभव के अनुरूप अपने स्कीमा में बदलाव करता है ('समायोजन' - Accommodation), जिससे अंततः 'साम्यधारण' (Equilibration) स्थापित होता है। यह प्रक्रिया सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी और न्यूरल नेटवर्किंग के पुनर्गठन पर आधारित है, जो आधुनिक रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Constructivist Pedagogy) का आधारशिला है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और व्यक्तिगत भिन्नताएँ' (Learning Styles and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, विचारशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी कॉर्टेक्स' (Sensory Cortex), 'पोस्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Posterior Cingulate Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) के बीच संवेदी-सूचना एकीकरण, आंतरिक प्रतिबिंब, और मोटर निष्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा नील फ्लेमिंग (Neil Fleming) के 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी अधिगम रणनीतियों, व्यक्तिगत भिन्नता-आधारित शिक्षण व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और विचार' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'अहंवादी वाक् (Egocentric Speech) से सामाजिकृत वाक् की ओर संक्रमण' तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक वाक् (Social Speech), आंतरिक वाक् (Inner Speech), और निजी वाक् (Private Speech)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच भाषाई डिकोडिंग, स्व-विनियमित नियंत्रण (Self-Regulatory Control), और कार्यकारी कार्यकरण (Executive Functioning) की सक्रियण गतिकी, तथा बेंजामिन व्हर्फ (Benjamin Whorf) और एडवर्ड सेपिर के 'भाषाई सापेक्षता परिकल्पना' (Linguistic Relativity Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, लैंग्वेज-ड्रिवेन कॉग्निटिव पेडागोजी (Language-Driven Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौखिक अभिव्यक्ति, संज्ञानात्मक मध्यस्थता व समग्र भाषा कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. हुलास (Hulas) - सहारनपुर जिला (हस्तशिल्प और चित्रित धूसर मृद्भांड/PGW संस्कृति का प्रमुख पुरास्थल)
2. राजा नल का टीला (Raja Nal Ka Tila) - महोबा जिला (यहाँ से प्राचीन लौह युगीन संस्कृति और कृषि अवशेष प्राप्त हुए हैं)
3. भगवानपुर (Bhagwanpur) - खेड़ा ज़िला / शामली जिला (हड़प्पा सभ्यता से जुड़ा एक ग्रामीण स्थल)
4. सराय नाहर राय (Sarai Nahar Rai) - प्रतापगढ़ जिला (मध्य पाषाण कालीन मानव कंकाल और समाधि स्थल)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रक्रिया और त्रुटियाँ' (Learning Process and Error Analysis) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन या अधिविज्ञान' (Metacognition: मेटाकॉग्निटिव ज्ञान और मेटाकॉग्निटिव विनियमन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'रोस्ट्राल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Rostral Prefrontal Cortex - Brodmann Area 10), और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संवेदनशीलता (Error Detection), और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और बर्ट्रेंड रसेल के 'चिंतन के नियमन व आंतरिक वाक् नियंत्रण' (Regulation of Thought & Inner Speech Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेटाकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Metacognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में त्रुटियों के अर्थपूर्ण विश्लेषण (Error as a Learning Opportunity), स्वावलंबन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की प्रेरणा और अभिप्रेरणा के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक सुरक्षा से लेकर आत्म-सिद्धि तक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिगल स्ट्रिएटम' (Ventral Striatum), 'डोपामिनर्जीक मेसोलिमबिक पाथवे' (Dopaminergic Mesolimbic Pathway), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) के बीच आंतरिक पुरस्कार प्रसंस्करण (Intrinsic Reward Processing), होमियोस्टैटिक नियमन, और लक्ष्य-निर्देशित प्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मोटिवेशनल-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Motivational-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक कल्याण व समग्र अधिगम सहभागिता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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