त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ और कॉग्निटिव स्टाइल्स' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन विटकिन (Herman Witkin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र-स्वतंत्र और क्षेत्र-आश्रित संज्ञानात्मक शैली' (Field-Independent and Field-Dependent Cognitive Styles) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'विजुअल-स्पेशियल नेटवर्क' (Visual-Spatial Network: विशेष रूप से दाहिना पैरिएटल लोब), 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), और 'वेंट्रल विजुअल पाथवे' के बीच विश्लेषणात्मक अमूर्त प्रसंस्करण, वैश्विक प्रासंगिकता और बाहरी विधाओं से स्वतंत्रता की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित अनुभवात्मक शिक्षाशास्त्र (Differentiated Experiential Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान अनुकूलन व समग्र वैचारिक समझ के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न हरमन विटकिन की 'क्षेत्र-स्वतंत्र और क्षेत्र-आश्रित संज्ञानात्मक शैली' तथा डेविड कोल्ब के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार को जोड़ता है। क्षेत्र-आश्रित शिक्षार्थी अपने परिवेश से अधिक प्रभावित होते हैं और सामाजिक संकेतों व वैश्विक संदर्भ (लिम्बिक सिस्टम और सोशल ब्रेन नेटवर्क की सक्रियता) पर आधारित होते हैं, जो कोल्ब के चक्र के 'मूर्त अनुभव' और 'चिंतनशील अवलोकन' चरणों से सीधे मेल खाते हैं। समावेशी शिक्षा में शिक्षकों को इन विभिन्न संज्ञानात्मक शैलियों को समझने के लिए विभेदित शिक्षण (Differentiated Pedagogy) का उपयोग करना चाहिए।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक इतिहास और विधानमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय व्यवस्थापिका (विधानमंडल) है, जिसके अंतर्गत विधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से होता है, जबकि विधान परिषद के कुल सदस्यों का एक-तिहाई भाग स्थानीय संस्थाओं (निकायों) द्वारा चुना जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत थे, और राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने किसी भी भारतीय राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी प्राप्त किया था।
3. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन अब तक कुल 10 (दस) बार लगाया जा चुका है, और राज्य में सबसे पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में चौधरी चरण सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान लागू हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलवर्ग के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था में व्यक्ति अपने व्यक्तिगत नैतिक सिद्धांतों और सार्वभौमिक न्याय के ऐसे अंतःकरण पर आधारित होता है, जो समाज के स्थापित कानूनों से भी ऊपर हो सकते हैं (जैसे- महात्मा गांधी या मार्टिन लूथर किंग जूनियर का दृष्टिकोण)।
2. इस सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने तर्क दिया कि कोहलवर्ग का यह मॉडल मुख्य रूप से पुरुषों के नैतिक विकास पर आधारित है और यह महिलाओं में पाए जाने वाले 'देखभाल और संबंधों की नैतिकता' (Morality of Care) की उपेक्षा करता है।
3. कोहलवर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की सभी अवस्थाएँ सार्वभौमिक और परिवर्तनशील होती हैं, जिन्हें संस्कृति और पर्यावरण के प्रभाव से आसानी से बदला या उलट-पलट (Reversed) जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अनुसार, वह कौन सी बुद्धि है जो किसी व्यक्ति को अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, इच्छाओं और कमजोरियों की गहरी समझ रखने और उनके आधार पर अपने जीवन को दिशा देने की क्षमता प्रदान करती है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र की कार्यप्रणाली' (Ecosystem Dynamics) और 'ऊर्जा प्रवाह' (Energy Flow) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, और ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम (Law of Conservation of Energy) के अनुसार जब ऊर्जा एक पोषण स्तर (Trophic Level) से दूसरे पोषण स्तर पर स्थानांतरित होती है, तो कुल ऊर्जा का लगभग 90% भाग श्वसन, ऊष्मा और उपापचय क्रियाओं में क्षय हो जाता है, तथा केवल 10% ऊर्जा ही अगले स्तर तक पहुँच पाती है, जिसे लिंडेमैन का 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) कहा जाता है।
2. पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न जीवों के बीच खाद्य ऊर्जा के स्थानांतरण के मार्ग को 'खाद्य जाल' (Food Web) कहा जाता है, जो एक सीधी रेखा में चलता है और इसमें ऊर्जा का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होता है, जबकि 'खाद्य श्रृंखला' (Food Chain) अनेक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई श्रृंखलाओं का समूह होती है।
3. किसी भी पारिस्थितिक तंत्र का 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि उत्पादकों से लेकर शीर्ष उपभोक्ताओं तक प्रत्येक क्रमिक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है, और इसे किसी भी परिस्थिति में उल्टा नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Moral Development Theory: पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (VMPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'अमिकडाला' (Amygdala) के बीच सामाजिक-नैतिक निर्णय लेने, सहानुभूतिपूर्ण अनुक्रिया, और नैतिक दुविधाओं के प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में न्यायपरक तर्क, पारस्परिक सहानुभूति व समग्र नैतिक चरित्र के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.