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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों की पहचान' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के 'ब्रोकन मिरर न्यूอน हाइपोथेसिस' (Broken Mirror Neuron Hypothesis) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (IFG), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (STS), और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक-संवेगात्मक अनुकरण, थ्योरी ऑफ़ माइंड (Theory of Mind - ToM), और समानुभूति (Empathy) नेटवर्क की सक्रियण विसंगति, तथा साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) के 'हाइपर-सिस्टेमाइजेशन और एम्पाथी-सिस्टेमाइजेशन थ्योरी' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, पीयर-मीडिएटेड सोशल कम्युनिकेशन पेडागोजी (Peer-Mediated Social Communication Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवादात्मक कौशल, संवेगात्मक नियमन व समग्र समावेशी सहभागिता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (b) है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ब्रोकन मिरर न्यूरॉन हाइपोथेसिस' और 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (ToM) की शिथिलता सीधे तौर पर सामाजिक-संवादात्मक कौशल और समानुभूति (Empathy) को प्रभावित करती है। मस्तिष्क के इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस और सुपीरियर टेम्पोरल सल्क्स के बीच की विसंगति बालकों को दूसरों के इरादों और संवेगों को समझने में कठिनाई पैदा करती है। आधुनिक समावेशी शिक्षाशास्त्र में 'पीयर-मीडिएटेड सोशल कम्युनिकेशन पेडागोजी' और संरचित सामाजिक अंतःक्रिया के माध्यम से इन तंत्रिका मार्गों (Neural Pathways) को उत्तेजित कर बच्चों में संवादात्मक दक्षता और समावेशी सहभागिता को सफलतापूर्वक संवर्धित किया जा सकता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और विकासात्मक विकारों के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक आकलन' के संदर्भ में, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं गोलार्ध के सुपीरियर पैराइटल लोब' (Superior Parietal Lobe) और 'एंगुलर गायरस' (Angular Gyrus) की स्थानिक-संख्यात्मक एकीकरण तथा दृश्य-मोटर समन्वय विफलता की प्रक्रिया, तथा स्टेनिसलास डियाहेन (Stanislas Dehaene) द्वारा प्रतिपादित 'संख्यात्मक प्रसंकरण के ट्रिपल-कोड मॉडल' (Triple-Code Model of Numerical Processing) के अंतर्गत 'विजुअल नंबर फॉर्म', 'वर्बल ऑडिटरी वर्ड-फ्रेम', और 'एनालॉग मेन्टाल नंबर लाइन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उपचारात्मक गणितीय शिक्षण और विद्यार्थियों में संख्यात्मक बोध तथा ग्राफमोटर दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और हरित क्रांति के प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल नौ (9) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और देश में हरित क्रांति का सर्वाधिक सकारात्मक प्रभाव राज्य के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र (जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर) में देखने को मिला, जहाँ गेहूँ और धान की उत्पादकता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख समस्या तीव्र मृदा अपरदन और जल संकट है, जिसके समाधान के लिए इस क्षेत्र में चंबल, बेतवा और केन नदियों पर कई बहुउद्देशीय परियोजनाएँ चलाई जा रही हैं, तथा यहाँ की मिट्टी में नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है।
3. 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) उत्तर प्रदेश के उत्तर में भाभर क्षेत्र के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण नम और दलदली पट्टी है, जो उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से युक्त है और जहाँ गन्ने तथा धान की सघन कृषि की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा शिक्षण में 'मौखिक अभिव्यक्ति' (Oral Expression) की कुशलता के विकास के लिए, प्राथमिक स्तर पर निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण युक्ति या गतिविधि सबसे अधिक प्रभावी और तार्किक मानी जाती है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, अपक्षय प्रक्रियाओं और उनकी रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में 'ह्यूमस और उर्वरता' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) में पोटाश और चूने की मात्रा पर्याप्त होती है, किंतु इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस (Humus) की कमी पाई जाती है।
2. तराई क्षेत्र की मृदा में अत्यधिक नमी और घने वनों के सड़ने-गलने के कारण जैविक पदार्थों (Organic Matter) और ह्यूमस की मात्रा मैदानी भागों की तुलना में अधिक होती है, जिससे यह मृदा नाइट्रोजन और जीवाश्म से समृद्ध होती है।
3. बुंदेलखंड क्षेत्र की लाल और राढ़ (Red and Mar/Kabar) मृदा में फास्फोरस, नाइट्रोजन और जैविक ह्यूमस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किए बिना ही सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर (Max Wertheimer), वोल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) और कुर्त कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट मनोविज्ञान' (Gestalt Psychology: समग्रता का नियम, पुनर्गठन और 'आहा! अनुभव') के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Lateral Prefrontal Cortex), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच क्षणिक न्यूरोनल पुनर्गठन (Transient Neuronal Reorganization), संज्ञानात्मक छलांग (Cognitive Leap), और अवचेतन समस्या-समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन डीवी (John Dewey) के 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'गेस्टाल्ट-बेस्ड इनसाइट पेडागोजी' (Gestalt-Based Insight Pedagogy) और विद्यार्थियों में समग्रतावादी दृष्टिकोण, तार्किक अंतर्दृष्टि व समग्र समस्या-समाधान कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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