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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएं और शैशवावस्था का संवेगात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) द्वारा प्रतिपादित 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory: सुरक्षित, असुरक्षित-अनिच्छुक, असुरक्षित-टालने वाली और अव्यवस्थित संलग्नता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'अमिकडाला' (Amygdala), 'हाइपोथैलेमस' (Hypothalamus), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच हाइपॉथैलेमिक-पिट्यूटरी-एड्रेनल (HPA) एक्सिस के नियमन, तनाव प्रतिक्रिया (Stress Response), और आंतरिक कार्य मॉडल (Internal Working Models) की सक्रियण गतिकी, तथा मैरी ऐंसवर्थ (Mary Ainsworth) की 'स्ट्रेंज सिचुएशन प्रोसीजर' (Strange Situation Procedure) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सिक्योर-बेस अटैचमेंट बेस्ड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Secure-Base Attachment Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक सुरक्षा, सामाजिक अनुकूलनशीलता व समग्र आत्म-विनियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी का संलग्नता सिद्धांत और मैरी ऐंसवर्थ की स्ट्रेंज सिचुएशन प्रारंभिक संवेगात्मक संबंधों के न्यूरो-बायोलॉजिकल आधार को स्पष्ट करती है। सुरक्षित संलग्नता बच्चों में 'अमिकडाला' (जो खतरे की पहचान करता है) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (जो कार्यकारी नियंत्रण और तर्क देता है) के बीच मजबूत तंत्रिका मार्ग बनाती है, जिससे HPA एक्सिस संतुलित रहता है। यह संवेगात्मक सुरक्षा प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करती है, जिससे उनकी संज्ञानात्मक सहभागिता और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुकारकीय एवं त्रिआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड थार्नडाइक (E.L. Thorndike) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के अंतर्गत 'तुकबंदी, गति और स्थल संबंधी तत्वों' तथा हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के बीच के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है।
2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और एडीएचडी (ADHD - अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'एक्सेक्यूटिव फंक्शन्स एंड सेल्फ-रेगुलेशन मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) और 'टास्क-पॉजिटिव नेटवर्क' (TPN) के बीच स्विचिंग विसंगति, 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'स्ट्रिएटम' (Striatum) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच डोपामाइन व नॉरएड्रेनालाईन न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन, कार्यशील स्मृति व अवरोधक नियंत्रण (Inhibitory Control) की सक्रियण गतिकी, तथा आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'ड्युअल पाथवे मॉडल' (इनहिबिटरी डिफिसिट और डिले एवर्जन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-बिहेवियरल मॉडिफाइड कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Cognitive-Behavioral Modified Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, आवेग नियंत्रण व समग्र कार्यात्मक ध्यान के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के प्रणेता लेव वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया की क्या भूमिका है? निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे का विकास पहले सामाजिक स्तर पर होता है और बाद में व्यक्तिगत स्तर पर (अंतःमानसिक से अंतर्निहित मानसिक प्रक्रिया)।
2. 'निजी भाषा' (Private Speech) बच्चों के लिए आत्म-नियमन (Self-regulation) का एक साधन है, जो उनके विचारों और व्यवहार को निर्देशित करती है, न कि पियाजे की तरह केवल अहंकेंद्रित वाक्।
3. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चा स्वतंत्र रूप से किसी कार्य को करने और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (MKO) की सहायता से उस कार्य को पूरा करने के बीच अनुभव करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'समीप-दूरी विकास का सिद्धांत' (Proximodistal Trend) यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास शरीर के केंद्रीय भाग (धड़) से शुरू होकर बाहर की ओर (हाथों और उंगलियों की दिशा में) अग्रसर होता है।
2. 'मस्तकोधुमुखी विकास का सिद्धांत' (Cephalocaudal Trend) के अनुसार विकास हमेशा पैर के अंगूठे से शुरू होकर सिर की दिशा में ऊपर की ओर बढ़ता है।
3. विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो गर्भाधान से शुरू होती है और मृत्युपर्यंत चलती है, किंतु इसकी गति जीवन के विभिन्न चरणों में एक समान (एक जैसी) रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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