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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आकलन और मूल्यांकन (Assessment and Evaluation in Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: ज्ञान, बोध, प्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संज्ञानात्मक भार नियमन (Cognitive Load Regulation), मेटाकॉग्निटिव मॉनिटरिंग (Metacognitive Monitoring), और त्रुटि-संचालित मूल्यांकन (Error-Driven Evaluation) की सक्रियण गतिकी, तथा नॉर्मन ग्रुंड्उंड (Norman E. Gronlund) और रॉबर्ट मेज़र (Robert Mager) के 'रचनात्मक और योगात्मक आकलन प्रतिमान' (Formative and Summative Assessment Paradigms) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, एविडेंस-बेस्ड फॉर्मेटिव पेडागोजी (Evidence-Based Formative Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS), स्व-विनियमित अधिगम व समग्र शैक्षणिक निष्पादन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न 'अधिगम के आकलन और मूल्यांकन' (विशेषकर ब्लूम की वर्गीकरण प्रणाली और रचनात्मक/योगात्मक आकलन) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और मनोवैज्ञानिक आयामों का गहराई से विश्लेषण करता है। डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (DLPFC) और एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स (ACC) कार्यकारी कार्यों, मेटाकॉम्बिनेशन (स्वयं के ज्ञान की निगरानी), और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संघर्षों के समाधान के लिए उत्तरदायी हैं। जब शिक्षार्थी ब्लूम के वर्गीकरण के उच्च चरणों (विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन) का उपयोग करते हैं, तो ये मस्तिष्क क्षेत्र सक्रिय होते हैं। रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) विद्यार्थियों को मेटाकॉग्निटिव फीडबैक देकर उनकी चिंतन प्रक्रिया को सुधारने में मदद करता है।
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'संप्रदान कारक' और 'कर्म कारक' दोनों की विभक्तियाँ एक ही जैसी ('को') होती हैं, किंतु दोनों में अंतर यह है कि कर्म कारक में क्रिया का सीधा प्रभाव कर्म पर पड़ता है (जहाँ 'को' वैकल्पिक या प्रत्यक्ष होता है), जबकि संप्रदान कारक में 'को' का प्रयोग 'के लिए' के अर्थ में किसी को कुछ देने या किसी के वास्ते कुछ करने के भाव में होता है। 3. हिंदी में सर्वनाम के कुल छह भेद होते हैं—पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक, जहाँ 'आप' शब्द का प्रयोग केवल मध्यम पुरुष आदरसूचक सर्वनाम के रूप में ही किया जाता है और इसका प्रयोग निजवाचक के रूप में संभव नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) और 'खिलाफत आंदोलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से दिसंबर 1920 में आयोजित कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में अनुमोदित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सी. विजयराघवाचारी ने की थी और इस अधिवेशन में असहयोग के कार्यक्रम को पूरी तरह स्वीकार किया गया था। 2. इस आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदत्त 'कैसर-ए-हिंद' (Kaiser-i-Hind) की उपाधि वापस कर दी थी, जबकि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने नाइटहुड (Sir) की उपाधि का त्याग कर दिया था। 3. चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की घटना से क्षुब्ध होकर महात्मा गांधी ने बारडोली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की, जिसके कारण चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू जैसे नेताओं ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए 'स्वराज पार्टी' के गठन का विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'मचान या पाड़' (Scaffolding) तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के अवधारणात्मक अंतर्संबंधों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'एंटterior सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'इन्फीरियर पैरिएटल लोब' (Inferior Parietal Lobe) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, सामाजिक अनुभूति, और न्यूरल सिंक्रनाइज़ेशन (Neural Synchronization) की सक्रियण गतिकी, तथा अंतर्सैद्धांतिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), निर्देशित सहभागिता (Guided Participation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities - Specific LD)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फीयर के टेम्पो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), और 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA - ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स) के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing), दृश्य-शब्द मैपिंग (Visual-Word Mapping), और ऑर्थोग्राफिक डिकोडिंग की सक्रियण गतिकी, तथा स्टैनिस्लास दहाने (Stanislas Dehaene) के 'न्यूरोनल रीसाइक्लिंग हाइपोथैसिस' (Neuronal Recycling Hypothesis) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरियल फोनिक्स-बेस्ड पेडागोजी (Multisensory Phonics-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में पठन दक्षता, फोनोलॉजिकल जागरूकता व समग्र साक्षरता कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम मूल्यांकन एवं सतत व्यापक मूल्यांकन' (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, कैरोल ड्वेर्क (Carol Dweck) द्वारा प्रतिपादित 'विकासवादी मानसिकता बनाम नियतिवादी मानसिकता' (Growth Mindset vs. Fixed Mindset) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच त्रुटि आधारित प्लास्टिसिटी (Error-based Plasticity), संज्ञानात्मक लचीलेपन (Cognitive Flexibility), और न्यूरोप्लास्टिक रीवायरिंग (Neuroplastic Rewiring) की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हattie (John Hattie) के 'दृश्यमान अधिगम' (Visible Learning और Feedback Loops) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में रचनात्मक प्रतिक्रिया (Constructive Feedback), स्व-नियमन (Self-Regulation) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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