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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन' (Evaluation and Measurement) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: ज्ञान, बोध, प्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'ेंटेरियोर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच संज्ञानात्मक प्रसंस्करण पदानुक्रम, कार्यकारी नियंत्रण (Executive Control), और मेटाकॉग्निटिव मॉनिटरिंग की सक्रियण गतिकी, तथा नॉर्मन ग्रोनलंड (Norman Gronlund) के 'रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन मॉडल' (Formative and Summative Evaluation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS), नैदानिक प्रतिक्रिया (Diagnostic Feedback) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बेंजामिन ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) संज्ञानात्मक विकास के विभिन्न स्तरों को परिभाषित करता है। निचले स्तर (ज्ञान, बोध) सरल सूचना पुनर्प्राप्ति से जुड़े हैं, जबकि उच्च स्तर (विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन) मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' और 'एंटेरियोर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' की जटिल कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Functioning) और मेटाकॉग्निटिव मॉनिटरिंग (Metacognitive Monitoring) पर निर्भर करते हैं। आधुनिक समावेशी कक्षाओं में रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन के साथ इनका एकीकरण विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय चिंतन योग्यताओं (HOTS) और संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता को इष्टतम रूप से विकसित करता है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक विभाजन के संदर्भ में, राज्य का कौन सा क्षेत्र प्राचीनतम गोंडवाना लैंड (Gondwana Land) का भू-भाग माना जाता है, जहाँ मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानें और बुंदेलखंडी नीस पाई जाती हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, लोकगीतों और मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ख्याल नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंग-बिरंगे कागजों और बांसों से मंदिरनुमा आकृति बनाकर सिर पर रखकर किया जाता है, जबकि 'राई नृत्य' भी इसी क्षेत्र की महिलाओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर मयूर की भांति नृत्य करके किया जाता है।
2. मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र में गाया जाने वाला 'कजरी' लोकगीत मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (सावन के महीने) में गाया जाता है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम और प्रकृति का सुंदर वर्णन होता है, तथा इसके गायन के लिए मिर्जापुर घराना विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
3. उत्तर प्रदेश में लगने वाला 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु मेला है, जिसे राज्य के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है, तथा इसका आयोजन प्रतिवर्ष कार्तिक मास में होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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थॉर्नडाइक के सीखने के नियमों में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) का दूसरा नाम क्या है, तथा कक्षा शिक्षण में इसका सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक निहितार्थ (Psychological Implication) निम्नलिखित में से कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों और उनके अंतर्गत आने वाली प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण का पठारी प्रदेश (जिसे बुंदेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन काल के प्रायद्वीपीय पठार का ही उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसकी मुख्य चट्टानें नीस (Gneiss) और ग्रेनाइट जैसी प्राचीन रवेदार चट्टानें हैं।
2. तराई क्षेत्र (Tarai Region) भाबर क्षेत्र के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकीर्ण पट्टी है, जो महीन अवसादों (गाद और चीका) से बनी है और यहाँ की भूमि अत्यधिक नम, दलदली तथा घने जंगलों एवं लंबे घासों से आच्छादित होती है।
3. उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) का ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है, जिसके कारण राज्य की अधिकांश नगालैंड और मध्यवर्ती नदियाँ उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य भेद', 'वाच्य' और 'पदबंध' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रचना या बनावट के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद होते हैं - सरल वाक्य, मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य; जबकि अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद माने जाते हैं (जैसे विधानवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक आदि)।
2. 'कर्मवाच्य' (Passive Voice) का प्रयोग केवल अकर्मक क्रियाओं के साथ ही संभव है, क्योंकि इसमें कर्ता की प्रधानता होती है और कर्म का होना अनिवार्य नहीं होता है, जबकि 'कृतृवाच्य' में क्रिया का संबंध सीधे कर्म से होता है।
3. 'पदबंध' (Phrase) एक से अधिक पदों (शब्दों) का वह समूह है जो मिलकर एक ही पद (इकाई) का कार्य करता है और इसके प्रमुख पाँच भेद होते हैं - संज्ञा पदबंध, सर्वनाम पदबंध, विशेषण पदबंध, क्रिया पदबंध और क्रिया-विशेषण पदबंध।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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