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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक विभाजन के संदर्भ में, राज्य का कौन सा क्षेत्र प्राचीनतम गोंडवाना लैंड (Gondwana Land) का भू-भाग माना जाता है, जहाँ मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानें और बुंदेलखंडी नीस पाई जाती हैं?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार) प्रायद्वीपीय भारत का ही उत्तरी विस्तार है, जो प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का हिस्सा है। इस क्षेत्र में आर्कियन युग की नीस और ग्रेनाइट चट्टानों के साथ-साथ विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर जैसी चट्टानें पाई जाती हैं, जो उत्तर प्रदेश के सबसे प्राचीन भू-भाग को दर्शाती हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई.पी. टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा विकसित 'टॉरेंस टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत, सृजनात्मक सोच के मूल्यांकन में शामिल घटकों में से 'मौलिकता' (Originality) को मापने का सबसे सटीक मनोवैज्ञानिक पैमाना निम्नलिखित में से किसे माना जाता है? उत्तर प्रदेश की खनिज संपदा और खनन नीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित बुंदेलखंड क्षेत्र (विशेषकर बांदा, महोबा, ललितपुर और हमीरपुर जिले) देश के प्रमुख खनिज-संपन्न क्षेत्रों में आता है, जहाँ विंध्यन और बुंदेलखंड गनीस शैलों से डायमंड, यूरेनियम, तांबा, और संगमरमर जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में प्राप्त होते हैं। 2. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 'नवीन खनिज नीति' के तहत खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी ई-टेण्डरिंग और अवैध खनन रोकने के लिए 'भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय' के माध्यम से सख्त कदम उठाए गए हैं, और राज्य में 'चूना पत्थर' का सबसे बड़ा भंडार मिर्जापुर तथा सोनभद्र जिलों में केंद्रित है। 3. सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में पाई जाने वाली प्रचुर मात्रा में नॉन-कोकिंग कोयला जैसी ऊर्जा खनिज संरचनाओं के कारण उत्तर प्रदेश देश का शीर्ष कोयला उत्पादक राज्य बन गया है, जो अपनी कुल आवश्यकता का 50% से अधिक घरेलू उत्पादन से पूरा करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गिलफर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी और ओरिजिनलिटी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: स्वतःस्फूर्त कल्पना, मानसिक सिमुलेशन और आंतरिक विचार), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन, चयन और रणनीतिक नियंत्रण), तथा 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - आंतरिक और बाहरी उत्तेजनाओं के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील तंत्रिका सहभागिता (Dynamic Neural Interaction), फंसी हुई संज्ञानात्मक कठोरता का विघटन, और न्यूरोनल लचीलेपन (Neuronal Plasticity) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड डायवर्जेंट पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Divergent Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी दृष्टिकोण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं प्राचीन सभ्यताएं' के संदर्भ में, हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों—जैसे आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास (सहारनपुर), मांडी (मुजफ्फरनगर), और सनौली (बागपत)—के भौगोलिक वितरण, इनसे प्राप्त साक्ष्यों (जैसे कपास के अवशेष, धान की खेती के प्रमाण, रथ के साक्ष्य, और समाधि स्थल), तथा स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खोजे गए इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और अल्बर्ट बंडूरा के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंडूरा के अनुसार बच्चे अपने परिवेश में दूसरों के व्यवहार को देखकर, उसका अवलोकन करके और उसका अनुकरण (Imitation) करके सीखते हैं, जिसे 'प्रेक्षणात्मक अधिगम' (Observational Learning) कहा जाता है। 2. 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) के माध्यम से बंडूरा ने यह सिद्ध किया कि बच्चों में आक्रामक व्यवहार की प्रवृत्ति जन्मजात होती है और इस पर पर्यावरणीय पुरस्कार या दंड का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 3. सामाजिक अधिगम की प्रक्रिया में 'प्रतिमांचरण' या 'मॉडलिंग' (Modeling) के चार प्रमुख चरण होते हैं - ध्यान (Attention), धारण (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction) और अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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