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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास की अवस्थाएँ' (Stages of Child Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: 2 से 7 वर्ष) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation), अहंप्रेकता (Egocentrism), और सेंट्रेशन (Centration) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डेवलपमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Development Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में मस्तिष्क (विशेषकर प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और हिप्पोकैम्पस) का विकास पूर्ण नहीं होता, जिसके कारण बच्चे एक समय में किसी वस्तु के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं (सेंट्रेशन) और दूसरों के दृष्टिकोण को नहीं समझ पाते (अहंप्रेकता)। लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण और पाड़ (Scaffolding) के माध्यम से शिक्षक इन बच्चों में संज्ञानात्मक लचीलापन और विकेंद्रीकरण का विकास कर सकते हैं। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि और समास' के अंतर तथा उनकी व्युत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस विकल्प में 'अव्ययीभाव समास' का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया गया है जिसके निर्माण में संस्कृत के उपसर्ग का प्रयोग हुआ है और उसका विग्रह करते समय लिंग या वचन का प्रभाव नहीं पड़ता?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु क्षेत्रों तथा प्रमुख फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएं चिकनी और अत्यधिक उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की विशेष क्षमता होती है, जो चना और मटर जैसी रबी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा राज्य को कुल 20 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान और मिट्टी की विविधता को स्पष्ट करते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्य रूप से उपजाऊ कछारी और नम प्रकार की होती है, जहाँ धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, लेकिन यह क्षेत्र बाजरे की खेती के लिए राज्य में सबसे प्रसिद्ध माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाली 'सार्वजनिक नीति एवं विवेक की अवस्था' (Universal Ethical Principle Orientation) की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल के गुरुकुल और उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख प्राचीन शिक्षा केंद्रों व आश्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के वर्तमान 'बलिया' जिले के समीप स्थित प्राचीन काल में महर्षि भृगु का 'भृगु क्षेत्र' और 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला) वैदिक काल से ही तपस्या, पुराण कथाओं और शिक्षा के प्रमुख केंद्र रहे हैं, जहाँ महर्षि शौनकादि ऋषियों ने हजारों शिष्यों को शिक्षा प्रदान की थी।
2. वाराणसी (ऋषिपत्तनम/काशी) प्राचीन काल से ही उपनिषद कालीन दर्शन, व्याकरण और बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ काशी के राजा अजातशत्रु और उपनिषद काल के प्रसिद्ध दार्शनिक गार्गी व याज्ञवल्क्य के संवादों का उल्लेख मिलता है।
3. प्राचीन काल में 'सारनाथ' केवल बौद्ध धर्म का ही नहीं, बल्कि वज्रयान और महायान संप्रदायों से जुड़े शिक्षण का भी एक प्रतिष्ठित केंद्र था, जिसका उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) के यात्रा वृत्तांतों में भी विस्तार से मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक इतिहास और विधानमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय व्यवस्थापिका (विधानमंडल) है, जिसके अंतर्गत विधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से होता है, जबकि विधान परिषद के कुल सदस्यों का एक-तिहाई भाग स्थानीय संस्थाओं (निकायों) द्वारा चुना जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत थे, और राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने किसी भी भारतीय राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव भी प्राप्त किया था।
3. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन अब तक कुल 10 (दस) बार लगाया जा चुका है, और राज्य में सबसे पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में चौधरी चरण सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान लागू हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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