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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Learning Disabilities and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं वेंट्रिकुलर ऑक्सीपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Left Ventral Occipitotemporal Cortex - Visual Word Form Area), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus) के बीच phonological processing विफलता, दृश्य-श्रव्य मैपिंग (Audiovisual Mapping) क्षरण, और शब्द पहचान (Word Recognition) की सक्रियण गतिकी, तथा मार्सेल बिबर्मन (Marsel Mesulam) और श्मिट (Shaywitz) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' (Phonological Deficit Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्टन-गिल्गमिंग पद्धति (Multisensory Orton-Gillingham Approach), ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डिसलेक्सिया (Dyslexia) एक न्यूरोलॉजिकल आधारित अधिगम अक्षमता है जो मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध में स्थित 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA), सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस और इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस के बीच फोनेलॉजिकल प्रोसेसिंग (ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण) और दृश्य-श्रव्य मैपिंग की विफलता के कारण होती है। आधुनिक न्यूरो-पे ड़ागॉजी के अनुसार, ऑर्टन-गिल्गमिंग (Orton-Gillingham) जैसी बहुसंवेदी दृष्ट-श्रव्य-स्पर्श-गतिसंवेदी (Visual-Auditory-Kinesthetic-Tactile) पद्धतियाँ इन न्यूरल पाथवे को पुनः सक्रिय करने और विद्यार्थियों में पठन कौशल व संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में अत्यंत प्रभावी होती हैं। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि (g-factor)' और 'विशिष्ट बुद्धि (s-factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल इंटीग्रेशन नेटवर्क' (Frontoparietal Integration Theory - P-FIT) जिसमें 'डorsolateral Prefrontal Cortex', 'Inferior and Superior Parietal Lobule' और 'Temporal Cortex' शामिल हैं, के बीच सूचना प्रसंस्करण दक्षता, न्यूरल कनेक्टिविटी और अमूर्त तार्किक तर्क की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित शिक्षाशास्त्र (Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. इस अवस्था का समय सामान्यतः 11 वर्ष से वयस्कता (15 वर्ष और उससे आगे) तक होता है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) करने में सक्षम हो जाता है।
2. बालक इस स्तर पर वैज्ञानिक पद्धति की तरह सोच सकता है और किसी समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित तार्किक विकल्पों या परिकल्पनाओं (Hypotheses) का व्यवस्थित रूप से परीक्षण कर सकता है।
3. इस अवस्था में पहुँचकर बालक 'संरक्षण' (Conservation) और 'श्रेणीबद्धता' (Classification) के बुनियादी सिद्धांतों को पहली बार सीखता है, जो कि इससे पूर्व की पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'विंध्यन पर्वतीय क्षेत्र' (Vindhyan Region) और उसके भौतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में स्थित यह क्षेत्र मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की प्राचीन बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल (Shale) जैसी अवसादी चट्टानों से निर्मित है, जो सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों तक विस्तृत हैं।
2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे बेलन, कनहर और रिहंद उत्तर प्रदेश के पठारी भाग से बहती हुई सोन नदी में मिलती हैं, और इन नदियों की घाटियों में प्राचीन पाषाण युगीन (Prehistoric) सभ्यता के महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए हैं।
3. विंध्यन क्षेत्र की जलवायु अर्ध-शुष्क होने के कारण यहाँ वनों का विस्तार बहुत कम पाया जाता है और कृषि योग्य भूमि का प्रतिशत उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों की तुलना में काफी अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (1. तैयारी / Preparation, 2. उद्भवन / Incubation, 3. प्रदीप्ति या आहा! अनुभव / Illumination, और 4. सत्यापन / Verification) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एंटिरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच अचेतन सूचना पुनर्गठन (Unconscious Information Reorganization), संज्ञानात्मक नियंत्रण विश्राम, और नए विचारों के मूल्यांकन की सक्रियण गतिकी, तथा जोइ गिलफोर्ड (Joy Paul Guilford) के 'अपसारी चिंतन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान की मौलिकता, लीक से हटकर सोचने की क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और बौद्ध कालीन शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में शिक्षा की शुरुआत 'प्रवज्या' (Pravrajya) संस्कार से होती थी, जिसके पूरा होने पर छात्र श्रमण (भिक्षु) बनता था, और इस संस्कार के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 8 वर्ष निर्धारित की गई थी।
2. बौद्ध विहारों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत 'उपदसम्पदा' (Upasampada) नामक संस्कार संपन्न होता था, जिसके माध्यम से छात्र संघ का पूर्ण सदस्य (भिक्षु) बनता था और इसके लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष थी।
3. बौद्ध शिक्षा प्रणाली में वर्ण व्यवस्था और जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया जाता था, और शिक्षा के द्वार समाज के सभी वर्णों के लिए खुले थे, यहाँ तक कि शूद्रों और महिलाओं को भी संघ में प्रवेश की अनुमति प्राप्त थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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