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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी उपागम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) द्वारा प्रतिपादित 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning: अग्रिम संगठनकर्ता या एडवांस ऑर्गेनाइज़र) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'एंटोरहिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex) के बीच मौजूदा संज्ञानात्मक संरचनाओं के साथ नए ज्ञान के एकीकरण (Assimilation), सिनैप्टिक नेटवर्किंग, और स्कीमा पुनर्निर्माण (Schema Reconstruction) की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'ज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration)' मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में अवधारणात्मक स्पष्टता, आरेखीय मानचित्रण (Concept Mapping) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) और 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान और नए ज्ञान के बीच एक संज्ञानात्मक सेतु का निर्माण करते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, यह प्रक्रिया मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की सक्रियता के माध्यम से नए सूचना पैटर्नों को मौजूदा स्कीमा के साथ समेकित (Consolidate) करती है, जिससे 'सिनैप्टिक एकीकरण' और दीर्घकालिक स्मरण (LTP) सुदृढ़ होता है। समावेशी कक्षाओं में यह पेडागोजी विद्यार्थियों की तार्किक और वैचारिक स्पष्टता को बढ़ाते हुए सार्थक ज्ञान निर्माण में सहायक है। अतः विकल्प (a) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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प्याज, कटी हुई हरी सब्जियों और फलों को अधिक देर तक पानी में धोने से या छीलने के बाद धोने से मुख्य रूप से किस पोषक तत्व का क्षय (Loss) हो जाता है?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के महाजनपद काल और उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में कुल 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है, जिनमें से वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद स्थित थे।
2. 'वत्स' महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी, जो वर्तमान प्रयागराज के समीप यमुना नदी के किनारे स्थित थी और यह उस समय व्यापारिक मार्ग का एक प्रमुख केंद्र था।
3. 'चेदि' महाजनपद की राजधानी शुक्तिमती (सोथीनगर) थी, जिसका विस्तार वर्तमान उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा और हमीरपुर (बुंदेलखंड क्षेत्र) तक था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन, जलवायु और मृदा प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा, उच्च आर्द्रता और सघन वनों के कारण दलदली भूमि पाई जाती है, जहाँ मुख्य रूप से धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, तथा यहाँ मैदानी भागों की तुलना में जैव विविधता अधिक समृद्ध होती है।
2. 'भाभर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित कंकड़, पत्थर और मोटे बालू युक्त एक संकीर्ण पट्टी है, जहाँ नदियाँ धरातल पर प्रकट होकर मद्धम गति से बहती हैं और बड़े पैमाने पर कृषि कार्य किए जाते हैं।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी भाग (बुंदेलखंड क्षेत्र) की मुख्य नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा और केन हैं, जो उत्तर की ओर बहकर यमुना में मिलती हैं और इस प्रक्रिया में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बीहड़ (Ravines) और मृदा अपरदन का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और व्यक्तिगत भिन्नताएं' (Inclusive Education and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर और कार्ल जुंग के दृष्टिकोण के आधार पर 'शिक्षार्थियों की वैयक्तिक भिन्नताओं और शिक्षण शैलियों' (Learning Styles) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सोमैटोसेंसरी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex), 'विजुअल कॉर्टेक्स' (Visual Cortex), और 'ऑडिटरी कॉर्टेक्स' (Auditory Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण (Sensory Integration), न्यूरल प्लास्टिसिटी (Neural Plasticity), और मल्टी-मोडल प्रोसेसिंग की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोब (David Kolb) के 'experiential learning cycle' (अनुभवात्मक अधिगम चक्र: ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डाइवर्सिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Diversity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विभेदित निर्देश (Differentiated Instruction), बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड और ई. टोरेंस द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, मौलिकता, लचीलापन और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN: कल्पना और आंतरिक मानसिक सिमुलेशन), 'कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN: विचारों के मूल्यांकन और चयनात्मक ध्यान) और 'सेलिएंस नेटवर्क' (Salience Network - SN: नेटवर्क के बीच स्विचिंग) के बीच गतिशील अंतःक्रिया, तंत्रिका सह-सक्रियण (Neural Co-activation), और संज्ञानात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Preparation, Incubation, Illumination, Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, बहु-आयामी कल्पना शक्ति व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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