त्वरित लिंक्स
UPTET
17 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex - vmPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'एंटterior सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) के बीच नैतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया, सामाजिक-संवेगात्मक सहानुभूति (Socio-emotional Empathy), और संघर्ष समाधान की सक्रियण गतिकी, तथा कैरोल गिलगन (Carol Gilligan) के 'देखभाल के नैतिकता सिद्धांत' (Ethics of Care) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मॉरल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Moral Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैतिक दुविधाओं पर चर्चा (Moral Dilemma Discussions), परिप्रेक्ष्य-ग्रहण (Perspective-taking) कौशल व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत और कैरोल गिलगन के 'देखभाल की नैतिकता' के सिद्धांतों के न्यूरो-बायोलॉजिकल और न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव पहलुओं का गहन विश्लेषण किया गया है। मस्तिष्क का वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC), इंसुला, और एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स (ACC) नैतिक निर्णय लेने, संवेगात्मक सहानुभूति (Empathy), और संज्ञानात्मक नियंत्रण (Cognitive Control) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक न्यूरो-पेड़ागोजी के अनुसार, इन तंत्रिका तंत्रों (Neural Networks) की सक्रियण गतिकी को समझकर शिक्षक प्राथमिक समावेशी कक्षाओं में नैतिक दुविधाओं पर चर्चा, परिप्रेक्ष्य-ग्रहण (Perspective-taking), और संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता का प्रभावी संवर्धन कर सकते हैं। अतः विकल्प (b) पूर्णतः सत्य और सटीक है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अधिगम और अवलोकन संबंधी विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत 'अवलोकन, प्रतिधारण, पुनरुत्पादन और अभिप्रेरणा' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (MNS - विशेष रूप से इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस और इन्फीरियर पैरिएटल लोब), 'लिम्बिक सिस्टम' और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच दूसरों के व्यवहार की नकल, सहानुभूतिपूर्ण अनुकरण और vicarious reinforcement (प्रत्यक्ष रहित सुदृढ़ीकरण) की सक्रियण गतिकी, तथा जूलियन रोटर (Julian Rotter) द्वारा प्रतिपादित 'नियंत्रण का स्थान' (Locus of Control) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, रोल-मॉडल आधारित प्रेक्षणात्मक शिक्षाशास्त्र (Observational Role-Model Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता, स्व-प्रभावकारिता (Self-Efficacy) व समग्र नैतिक व्यवहार के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है, जिसके दायरे में विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) भी शामिल हैं।
2. 'निःशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act 2016) के अनुसार दिव्यांगता के प्रकारों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, तथा सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में दिव्यांग छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में कम से कम 5% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 'समग्र शिक्षा' (Samagra Shiksha) अभियान के तहत रिसोर्स रूम, विशेष शिक्षकों की नियुक्ति और 'ग्रुप लर्निंग' पर विशेष बल दिया गया है, ताकि उनका मुख्यधारा की शिक्षा में पूर्ण समावेश हो सके।
4. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में केवल शारीरिक रूप से अक्षम बालकों को प्रवेश देना है, जबकि गंभीर मानसिक अक्षमता वाले बालकों के लिए केवल विशिष्ट (Special) विद्यालयों का होना ही अनिवार्य माना गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजस्व मंडलों (Divisions) तथा जिलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में कुल 18 मंडल (Divisions) हैं, जिनमें से नवीनतम और 18वाँ मंडल 'अलीगढ़' है, जिसकी स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी और इसके अंतर्गत अलीगढ़, हाथरस, एटा तथा कासगंज जिले आते हैं।
2. क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मंडल 'कानपुर' मंडल है, जबकि जनसंख्या और क्षेत्रफल दोनों ही दृष्टियों से राज्य का सबसे बड़ा जिला 'लखीमपुर खीरी' है।
3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के कुल 8 जिले शामिल हैं (जैसे मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के विकास में मुख्य आधार क्या है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आकलन एवं सतत-व्यापक मूल्यांकन (CCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम की शर्तें' (Conditions of Learning: मौखिक सूचना, बौद्धिक कौशल, संज्ञानात्मक रणनीतियाँ, मोटर कौशल, और दृष्टिकोण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'बेसल गैंग्लिया' (Basal Ganglia), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच पदानुक्रमित कौशल अधिग्रहण, मोटर और संज्ञानात्मक समेकन (Consolidation), और फीडबैक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा जॉन हैटी (John Hattie) के 'दृश्यमान शिक्षण' (Visible Learning) और प्रभावी फीडबैक के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-असेसमेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैदानिक परीक्षण (Diagnostic Testing), स्व-मूल्यांकन (Self-assessment) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.