सृजनशीलता (Creativity)
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'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियाँ' (Creativity and Teaching Methods) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, ई. पी. टॉरेंस (E.P. Torrance) तथा ग्राहम वालास (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चरण' (तैयारी, उद्भवन/प्रतियांक्षीकरण, प्रबुद्धता, और सत्यापन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्साथ्सिक कंट्रोल नेटवर्क' (Central Executive Network), और 'सिलिएरी कॉर्टेक्स' के बीच अपसारी चिंतन, अनजाने में होने वाले विचार संलयन (Unconscious Idea Association), और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा जोइ गिलफोर्ड के 'अपसारी उत्पादन' (Divergent Production) सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming), मौलिकता (Originality) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: सही विकल्प (b) है। सृजनात्मकता केवल याद रखने की क्षमता नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) और 'केंद्रीय कार्यकारी नेटवर्क' (CEN) के बीच के गतिशील संतुलन पर निर्भर करती है। ग्राहम वालास के चरणों के अनुसार, उद्भवन (Incubation) के दौरान DMN नए और अप्रत्याशित संबंध बनाने में मदद करता है, जबकि सत्यापन (Verification) के दौरान CEN तार्किक रूप से विचारों को छांटता है और उनका मूल्यांकन करता है। आधुनिक समावेशी शिक्षा में 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' इसी संतुलन को साधते हुए विद्यार्थियों में अपसारी चिंतन और मौलिकता का संवर्धन करती है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'विशेष शिक्षा' (Special Education), 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) और 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के दार्शनिक, प्रशासनिक तथा शैक्षणिक स्वरूपों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय अपनी संरचना, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन प्रणालियों में इस प्रकार का मूलभूत परिवर्तन करता है कि वह प्रत्येक बालक (चाहे उसकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई क्षमताएं कितनी भी भिन्न क्यों न हों) की व्यक्तिगत अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ हो सके, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक और वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. UDL एक ऐसा पाठ्यक्रम और शिक्षण ढांचा है जो अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में शुरुआत से ही लचीलापन और बहुविकल्प प्रदान करता है।
2. UDL के तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक और तंत्रिका-वैज्ञानिक आधार हैं: सहभागिता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रस्तुति के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)।
3. यह दृष्टिकोण केवल दिव्यांग या बौद्धिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए ही अनुकूलित है, और सामान्य अथवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए इसका उपयोग करने से उनके उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की पद्धति को लागू करते समय एक शिक्षक को निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षणिक रणनीति का सबसे अधिक ध्यान रखना चाहिए?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'समायोजन' (Accommodation) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक सामान्य कक्षा-कक्ष में गंभीर दृष्टिबाधित और हल्के बौद्धिक अक्षमता वाले छात्रों की व्यक्तिगत अधिगम भिन्नताओं को संबोधित करने के लिए बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory Approach), ब्रेल लिपि, स्पर्शनीय सामग्रियों तथा लचीली मूल्यांकन रणनीतियों का एक साथ प्रयोग करता है, तो इस समावेशी शैक्षणिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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'सृजनात्मकता और समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फ़र्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लुएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन, अनियोजित विचार जनरेशन (Spontaneous Idea Generation), और抑制 नियंत्रण (Inhibitory Control) की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रदीप्ति और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान कौशल, पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोए गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: तरलता, लचीलापन, मौलिकता और विस्तार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, संज्ञानात्मक लचीलेपन, और स्वतःस्फूर्त विचार उत्पादन (Spontaneous Idea Generation) की सक्रियण गतिकी, तथा एलिस पॉल टोरेंस (E. Paul Torrance) के 'टोरेंस परीक्षण ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (TTCT) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नवीन समस्या-समाधान रणनीतियों, मस्तिष्क उद्वेलन (Brainstorming) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'सृजनात्मकता और समस्या समाधान' (Creativity and Problem Solving) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: फ्लूएंसी, फ्लेक्सिबिलिटी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्जीक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियंट नेटवर्क' (Salient Network) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन, मस्तिष्क के दोनों गोलार्धों के बीच तंत्रिका समन्वय (Inter-hemispheric Neural Coupling), और नवीन विचार निर्माण की सक्रियण गतिकी, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) के 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (तैयारी, उद्भवन, प्रदीप्ति और सत्यापन) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रीएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मुक्त-अंत प्रश्न (Open-ended Questions), मस्तिष्क-मंथन (Brainstorming) तकनीकों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'सृजनात्मकता और divergent thinking' (Creativity and Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जोसफ गिल्फोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन के आयाम' (फ्लेक्सिबिलिटी, फ्लुएंसी, ओरिजिनलिटी और एलैबोरेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), 'एक्सेक्यूटिव कंट्रोल नेटवर्क' (Executive Control Network - ECN), और 'सेलियंट नेटवर्क' (Salience Network) के बीच वैचारिक लचीलेपन, अंतर्दृष्टि (Insight Generation), और नवीनता प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्वीय चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान कौशल, मुक्त-अंत वाले प्रश्नों (Open-ended Questions) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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