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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और उपचारात्मक शिक्षण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia - पठन संबंधी विकार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएं वेंट्रेल ऑसिपिटोटेपोरल कॉर्टेक्स' (Left Ventral Occipitotemporal Cortex - Visual Word Form Area), 'सुपीरियर टेम्पोरल गायरस' (Wernicke's Area), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गायरस' (Broca's Area) के बीच फोनोलॉजिकल अवेयरनेस (Phonological Awareness), गrapheme-phoneme मैपिंग, और विजुअल-ऑडिटरी एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा शियानेट शायतविट्ज (Shaywitz) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट हाइपोथेसिस' और स्टैनिस्लास दहाएने के 'न्यूरोनल रिसाइक्लिंग हाइपोथेसिस' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्थोग्राफिक रणनीतियों, फोनिक्स-आधारित अनुदेशन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रश्न 'डिसलेक्सिया' (पठन संबंधी विकार) के न्यूरो-संज्ञानात्मक और न्यूरो-बायोलॉजिकल पहलुओं पर आधारित है। डिसलेक्सिया मुख्य रूप से मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध में स्थित 'विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) और फोनोलॉजिकल नेटवर्क्स के बीच उचित समन्वय न होने के कारण होता है। 'न्यूरोनल रिसाइक्लिंग हाइपोथेसिस' और 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट हाइपोथेसिस' के अनुसार, बहुसंवेदी और संरचित फोनिक्स-आधारित शिक्षण पद्धतियाँ (जैसे ऑर्टन-गुलिंघम पद्धति) मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र में प्लास्टिसिटी (Neuronal Plasticity) को बढ़ावा देकर शिक्षार्थियों में पठन दक्षता का सफल विकास करती हैं। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विभेदित अनुदेशन एक ऐसा अध्यागम दृष्टिकोण है जहाँ शिक्षक विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं (जैसे उनकी अधिगम शैली, तत्परता स्तर और रुचियों) को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सामग्री, प्रक्रियाओं और उत्पादों में लचीलापन अपनाता है।
2. यह दृष्टिकोण केवल विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए अनुकूलित है और सामान्य कक्षाओं में प्रतिभाशाली या औसत बालकों के शिक्षण परिणामों पर इसका कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
3. विभेदित अनुदेशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक छात्र को उसकी क्षमता के अनुरूप अधिकतम प्रगति करने के अवसर प्रदान करना और सहयोगात्मक अधिगम वातावरण का निर्माण करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि-जलवायु क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'रूर' या 'रेह' मृदा की समस्या मुख्य रूप से अत्यधिक सिंचाई और जलभराव के कारण उत्पन्न होती है, जिसमें भूमि की सतह पर सोडियम लवणों की एक सफेद परत जम जाती है जिससे मृदा की उर्वरता नष्ट हो जाती है।
2. 'राँड़' (Raad) या 'रकार' मृदा बुंदेलखंड के ढलान वाले और पथरीले क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक पतली, कम उपजाऊ और कंकरयुक्त मिट्टी है, जिसमें कृषि कार्यों के लिए अत्यधिक मात्रा में जैविक खादों और विशेष सिंचाई प्रणालियों की आवश्यकता होती है।
3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी भागों में पाई जाने वाली 'धूसर दोमट' मृदा नाइट्रोजन और फास्फोरस तत्वों से भरपूर होती है, जिसके कारण इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के बिना ही दलहनी फसलों का बंपर उत्पादन स्वतः होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहार, पक्षी विहार और उनके स्थापना वर्ष/अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली (स्थापना: 1957)
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार - मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर (राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार)
3. पटना पक्षी विहार - एटा (राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार)
4. बखीरा पक्षी विहार - संत कबीर नगर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रिचर्ड शिफ्रिन और रिचर्ड एटकिंसन के 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model) तथा एलन बैडली (Alan Baddeley) द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी स्मृति मॉडल' (Working Memory Model: सेंट्रल एक्जीक्यूटिव, फोनोलॉजिकल लूप, विस्यूस्पेशियल स्केचपैड और एपिसोडिक बफर) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus) के बीच अल्पकालिक स्मृति से दीर्घकालिक स्मृति में सूचनाओं के एनकोडिंग, समेकन (Consolidation) और पुनर्प्राप्ति (Retrieval) की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड असुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के 'सब्स्यूमर फ्रेमवर्क' (Subsumer Framework) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कॉग्निटिव-लोड-बैलेंस्ड पेडागोजी (Cognitive-Load-Balanced Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक भार प्रबंधन, दीर्घकालिक स्मृति प्रतिधारण व समग्र सार्थक अधिगम के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित मॉडल के अनुसार, जब कोई बालक किसी समस्या के समाधान हेतु अपनी बौद्धिक क्षमताओं का प्रयोग करते हुए दिए गए तथ्यों के आधार पर केवल एक ही पारंपरिक और सबसे सही निष्कर्ष पर पहुँचने का प्रयास करता है, तो गिलफोर्ड के बुद्धि के त्रि-आयामी त्रि-अक्षीय वर्गीकरण (Operations, Contents, Products) के अंतर्गत यह मानसिक प्रक्रिया मुख्य रूप से किस बौद्धिक आयाम (Dimension) से संबंधित है?
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